पतरातू (रामगढ़), झारखंड : जल पर्यटन स्थलों पर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच पतरातू डैम में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। एहतियात के तौर पर बोटिंग गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और नाव संचालन को शपथ पत्र जमा करने से जोड़ा गया है।
सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अनुराग तिवारी ने पतरातू लेक रिसॉर्ट परिसर में नाव संचालकों, समितियों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया, एसआई संजय कुमार सिन्हा और रिसॉर्ट प्रबंधक दिव्या कुमारी भी मौजूद रहीं।
बैठक में बोटिंग व्यवस्था, सुरक्षा संसाधनों और संचालन प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई। एसडीओ ने स्पष्ट कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा और सभी को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी नाव संचालक और समितियां शपथ पत्र जमा करें, जिसमें लाइफ जैकेट की अनिवार्यता, नाव की क्षमता के अनुसार ही सवारी, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती और आपातकालीन तैयारियों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक डैम में बोटिंग पूरी तरह बंद रहेगी।
बैठक के बाद अंचलाधिकारी ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर नावों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों और संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कई जगह सुधार के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि आगे नियमित जांच अभियान चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
पतरातू डैम में रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।