निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी पायी गयी। साथ ही विभिन्न पंजी और अभिलेख भी अद्यतन नहीं मिले। इस पर उपायुक्त ने संबंधित प्रभारी को फटकार लगाते हुए नियमित साफ-सफाई और अभिलेखों के सही संधारण का निर्देश दिया।
विद्यालय में लैब, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और शौचालय जैसी सुविधाएं भी चालू स्थिति में नहीं पायी गयीं। उपायुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रभारी से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टिकरण मांगा है। उन्होंने सभी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान कक्षा 1 से 8 तक के कई शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिले। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने संबंधित 9 शिक्षकों के वेतन निकासी पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए नियमित कक्षाओं के संचालन, शिक्षण सामग्री की उपलब्धता और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के निर्देश दिये। इसके अलावा मध्याह्न भोजन व्यवस्था और रसोईघर की साफ-सफाई में भी सुधार लाने को कहा गया।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर विद्यालयों की व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से सुधारने का निर्देश दिया।