वनपाल सह वनरक्षी योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में विभागीय कर्मियों ने घायल हिरण को इलाज के लिए सामुदायिक पशु चिकित्सालय, गोला पहुंचाया। वहां प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने हिरण का उपचार किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति स्थिर बतायी।
प्राथमिक उपचार के बाद वन विभाग की टीम ने हिरण को पूरबडीह स्थित डियर पार्क में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया, जहां उसकी निगरानी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हिरण अब खतरे से बाहर है और उसकी लगातार देखभाल की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की जिससे हिरन की जान बची, अगर समय पर रेस्क्यू नहीं होता तो हिरण की जान जा सकती थी।