रामगढ़ (झारखंड) : जिला विधिक सेवा प्राधिकार रामगढ़ के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय रामगढ़ परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मो. तौफिकुल हसन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15,677 मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन किया गया। इस दौरान विभिन्न मदों में कुल 11,55,73,439 रुपये की वसूली और राजस्व प्राप्त हुआ। बड़ी संख्या में पक्षकारों ने लंबित विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त किया।
कई श्रेणियों के मामलों का हुआ निपटारा
लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, बीमा दावे, विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक अनादरण (चेक बाउंस), आपराधिक समझौतायोग्य मामले, उपभोक्ता विवाद तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया।
आठ न्यायिक बेंचों ने संभाली सुनवाई
मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल आठ न्यायिक बेंच गठित की गई थीं। प्रत्येक बेंच में न्यायिक पदाधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं ने मिलकर पक्षकारों के बीच समझौता कराया।
पारिवारिक मामलों से लेकर बैंक, बीएसएनएल, वन विभाग, भूमि अधिग्रहण, उपभोक्ता विवाद और अन्य दीवानी एवं आपराधिक मामलों तक की सुनवाई अलग-अलग बेंचों में की गई।
लोक अदालत से मिलते हैं कई लाभ
अनिल कुमार ने बताया कि लोक अदालत में विवादों का समाधान आपसी सहमति से होने के कारण समय और धन दोनों की बचत होती है। न्यायालय शुल्क का बोझ कम होता है और पक्षकारों के संबंध भी सौहार्दपूर्ण बने रहते हैं।
विधिक सहायता केंद्र ने दी जरूरी जानकारी
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार के पास विधिक सहायता केंद्र (एलएडीसीएस) भी संचालित किया गया। यहां आने वाले पक्षकारों को उनके मामलों की स्थिति, संबंधित बेंच और आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
सहयोगियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में अधिकार मित्रों और विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने न्यायालय पहुंचे लोगों को मार्गदर्शन देकर प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार रामगढ़ ने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित विवादों के त्वरित, सरल और कम खर्चीले समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।