श्री सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश नौकरीपेशा लोग अपने कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में लोगों से पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करने की अपील व्यवहारिक नहीं है।
“यह सुझाव व्यावहारिक नहीं”
अरुण कुमार सिन्हा के अनुसार, आम लोगों के लिए ईंधन की खपत अचानक कम करना आसान नहीं है, क्योंकि दैनिक जीवन, नौकरी और व्यवसाय का बड़ा हिस्सा परिवहन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, जैसे ईरान-अमेरिका तनाव, के कारण देश पर दबाव बनता है तो उससे निपटने के लिए ठोस नीति बनाना केंद्र सरकार का दायित्व है।
सोने की खरीदारी पर टिप्पणी
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में विवाह और पारिवारिक समारोहों के दौरान सोने के आभूषण खरीदने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में लोगों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील करना व्यवहारिक नहीं प्रतीत होता।
सरकार से समाधान की अपेक्षा
अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार लंबे समय से सत्ता में है, इसलिए यदि वैश्विक परिस्थितियों के कारण आर्थिक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं तो सरकार को नीतिगत उपायों के माध्यम से उनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को सलाह देने के बजाय सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।