कोल इंडिया में ट्रेड यूनियनों की मान्यता का बदलेगा पूरा सिस्टम, अब गुप्त मतदान से तय होगी असली ताकत

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कोलकाता (पश्चिम बंगाल) :  कोल् इंडिया लिमिटेडमें ट्रेड यूनियनों की मान्यता और प्रतिनिधित्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा औद्योगिक संबंध संहिता (IR Code), 2020 के नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद कंपनी के भीतर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अब किसी यूनियन की ताकत सदस्यता के दावों से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के गुप्त मतदान से तय होगी।

कोल इंडिया प्रबंधन की उच्चस्तरीय समिति ने नई व्यवस्था लागू करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। यदि इन सिफारिशों को मंजूरी मिलती है, तो वर्षों से चली आ रही “सबसे बड़ी यूनियन” की दावा-आधारित राजनीति समाप्त हो जाएगी और यूनियनों को कर्मचारियों के सीधे समर्थन के आधार पर मान्यता मिलेगी।

अब कैसे तय होगी यूनियन की मान्यता

नई प्रणाली के अनुसार:

  • 51 प्रतिशत या उससे अधिक वोट पाने वाली यूनियन को एकमात्र वार्ताकार यूनियन का दर्जा मिलेगा।

  • यदि कोई यूनियन 51 प्रतिशत वोट नहीं ला पाती, तो 20 प्रतिशत या उससे अधिक वोट पाने वाली यूनियनें मिलकर वार्ताकार परिषद बनाएंगी।

  • 20 प्रतिशत से कम वोट पाने वाली यूनियनों को अगले पांच वर्षों तक मान्यता नहीं मिलेगी।

  • केवल निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक मतदाता सूची में दर्ज कर्मचारी ही मतदान कर सकेंगे।

  • पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सत्यापन अधिकारी की निगरानी में होगी।

  • एक बार मिली मान्यता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी।

कंपनी स्तर पर प्रतिनिधित्व के लिए नई शर्त

कोल इंडिया मुख्यालय स्तर पर प्रतिनिधित्व पाने के लिए किसी यूनियन को कम से कम पांच अनुषंगी कंपनियों में 20 प्रतिशत या अधिक वोट प्राप्त करना होगा। तभी उसे राष्ट्रीय स्तर की वार्ताकार परिषद में शामिल किया जाएगा।

90 दिनों में पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया

प्रस्तावित चुनाव प्रक्रिया लगभग 90 दिनों में पूरी की जाएगी। इसमें मतदाता सूची तैयार करने, आवेदन, जांच, चुनाव चिह्न आवंटन, मतदान, मतगणना और मान्यता आदेश जारी करने की पूरी समय-सारणी निर्धारित की गई है।

चार स्तरों पर होगी वार्ता व्यवस्था

नई प्रणाली के तहत वार्ता की संरचना चार स्तरों पर लागू होगी :

  1. कोल इंडिया मुख्यालय स्तर – वेतन समझौता, ग्रेड, ट्रांसफर नीति और सेवा शर्तें।

  2. अनुषंगी कंपनी स्तर – कंपनी से जुड़े विशेष मुद्दे।

  3. एरिया स्तर – क्षेत्रीय संचालन संबंधी समस्याएं।

  4. प्रोजेक्ट या यूनिट स्तर – स्थानीय कार्यस्थल के मुद्दे।

इसके अलावा वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य होगा।

महिलाओं को मिलेगा अनिवार्य प्रतिनिधित्व

1 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार कोल इंडिया में 19,135 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। नई व्यवस्था के तहत वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समितियों में महिलाओं को उनके अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य होगा। इससे महिला कर्मचारियों की भागीदारी औपचारिकता से आगे बढ़कर निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनेगी।

यूनियन राजनीति में क्या बदलेगा

नई प्रणाली लागू होने के बाद :

  • सदस्यता के दावों की जगह मतदान आधारित वैधता स्थापित होगी।

  • पांच वर्षों तक स्थिर मान्यता बनी रहेगी।

  • वार्ता का अधिकार और दायरा स्पष्ट होगा।

  • जमीनी स्तर से लेकर मुख्यालय तक लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत होगा।

नियम लागू होने की स्थिति

औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 को नवंबर 2025 से प्रभावी किया गया था। इसके नियमों पर सुझाव लेने के बाद मई 2026 में अधिसूचना जारी की गई। अब कोल इंडिया में इसे लागू करने की प्रक्रिया पर प्रबंधन और यूनियनों के बीच जल्द रणनीतिक बैठक होने की संभावना है।

इस बदलाव को कोल उद्योग में ट्रेड यूनियन व्यवस्था के सबसे बड़े सुधारों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि इससे कर्मचारियों के वोट के आधार पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा और वार्ता प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.