रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र के बहुचर्चित कामेश्वर पांडे हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों अमन श्रीवास्तव और लखन साव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2015 से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ था।
व्यवहार न्यायालय रामगढ़ स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम श्री विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त धारा 120(B) के तहत भी आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
15 मई को हुई सजा पर सुनवाई
इससे पहले 7 मई को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि निर्धारित की गई थी। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला ?
26 अक्टूबर 2015 को रामगढ़ जिला के पतरातू बस्ती निवासी कामेश्वर पांडे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना पतरातू साप्ताहिक बाजार स्थित राम जानकी मंदिर के पास हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार अपराधियों ने नजदीक से सिर में गोली मार दी थी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
घटना के बाद मची थी अफरा-तफरी
हत्याकांड के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई थी। स्थानीय लोगों ने हमलावरों का पीछा किया। इस दौरान एक आरोपी भीड़ के हत्थे चढ़ गया था और पिटाई में उसकी मौत हो गई थी। दूसरा आरोपी पुलिस के कब्जे में आ गया, जबकि तीसरा फरार हो गया था।
पुलिस जांच के बाद अदालत का फैसला
मामले में पवन किशोर पांडे के आवेदन पर पतरातू थाना कांड संख्या 250/2015 दर्ज किया गया था। पुलिस जांच, गवाहों के बयान और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अमन श्रीवास्तव और लखन साव को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं अजय प्रकाश सिंह उर्फ गणेश सिंह को साक्ष्य के अभाव में पूर्व में बरी कर दिया गया था।
यह फैसला रामगढ़ जिला के पतरातू क्षेत्र के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक के निर्णायक अंत के रूप में देखा जा रहा है।