रामगढ़ (झारखंड) :उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज ने सोमवार को चितरपुर प्रखंड का दौरा कर राजस्व शिविर, प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं अन्य कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, साफ-सफाई, कर्मियों की उपस्थिति और आम नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई।
राजस्व शिविर में उपायुक्त ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और राजस्व सेवाओं का लाभ पारदर्शी एवं त्वरित रूप से आमजनों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन किया जाए तथा लंबित मामलों को निश्चित समय सीमा के भीतर निपटाया जाए। इस दौरान दाखिल-खारिज से संबंधित प्रमाण पत्र भी लाभुकों को वितरित किए गए।
इसके बाद उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अभिलेखों का संधारण असंतोषजनक पाया गया। कई महत्वपूर्ण पंजियों और दस्तावेजों का रख-रखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब पाई गई और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कई अन्य कमियां सामने आईं।
इन खामियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में भी कार्यालयों के समुचित रख-रखाव और साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उन्होंने प्रखंड, अंचल एवं बाल विकास कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान दीप्ति प्रियंका कुजूर, रविंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।