कुजू (रामगढ़),झारखंड : साथी स्थापना दिवस के अवसर पर जलवायु अखड़ा 2026 के तहत पुंडी पंचायत में जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बंद हो चुके कोलफील्ड क्षेत्रों के लोगों को वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जस्ट ट्रांजिशन अभियान के अंतर्गत खनन प्रभावित परिवारों को रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान अस्मिता संस्था और अग्रगति संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की गई।
पुंडी पंचायत की मुखिया रोपण देवी ने कहा कि अग्रगति संस्था गांवों में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को लेकर सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि महुआ संग्रहण को लेकर “नेट-नेट” जैसे प्रयास किए गए हैं, जिससे जंगलों में आग लगने की घटनाओं में कमी आई है और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के प्रयास लगातार जारी रहे, तो आने वाले समय में पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण संभव हो सकेगा। बैठक में साल बीज, चिरौंजी और महुआ के दानों के संरक्षण तथा उनके उपयोग पर भी विशेष चर्चा की गई, ताकि ग्रामीणों को प्राकृतिक संसाधनों से रोजगार के अवसर मिल सकें और प्रकृति का संतुलन बना रहे।
मुखिया श्रीमती रोपण देवी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि महुआ का उपयोग केवल शराब बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई प्रकार की खाद्य सामग्री और औषधियां भी तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग की अपील की।