चरही और चुटूपालू घाटी होंगी दुर्घटनामुक्त, ब्लैक स्पॉट सुधार पर खर्च होंगे 140 करोड़ रुपये

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रांची, झारखंड : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एनएच-33 (वर्तमान एनएच-20) पर स्थित चरही और चुटूपालू घाटी को दुर्घटनामुक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की है। दोनों घाटियों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों का व्यापक सुधार किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं में कमी लाई जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 140 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एनएचएआई ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है और 25 जून को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद चयनित एजेंसी को कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी किया जाएगा।

परियोजना को पूरा करने के लिए दो वर्ष की समय-सीमा निर्धारित की गई है। साथ ही कार्य करने वाली एजेंसी अगले पांच वर्षों तक सड़क एवं सुरक्षा संबंधी संरचनाओं का रखरखाव (मेंटेनेंस) भी करेगी।

जानकारी के अनुसार चरही और चुटूपालू घाटी में लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं। इसे देखते हुए एनएचएआई ने दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तृत सर्वे कराया था। सर्वे के दौरान उन स्थानों की पहचान की गई जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही थीं। इन ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों के अध्ययन के बाद सुधार संबंधी रिपोर्ट तैयार की गई।

रिपोर्ट के आधार पर घाटियों में आवश्यक संरचनात्मक एवं सुरक्षा सुधार की योजना बनाई गई। लागत का आकलन करने के बाद अब परियोजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एनएचएआई के इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि चरही और चुटूपालू घाटी में दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा रांची-हजारीबाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर और अधिक सुरक्षित हो सकेगा।