झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: झामुमो सबसे आगे, कांग्रेस को झटका, नाथवानी ने पलटा पूरा गणित

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रांची/झारखंड : झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को हुए चुनाव में सियासी समीकरणों को झकझोर देने वाला परिणाम सामने आया। जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने सबसे अधिक वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को अपेक्षा से काफी कम समर्थन मिला। दूसरी ओर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज कर चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया।

कैसे हुआ पूरा खेल ?

चुनाव से पहले माना जा रहा था कि झामुमो की एक सीट लगभग तय है, जबकि दूसरी सीट पर कांग्रेस और एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी के बीच कांटे की टक्कर होगी। मतदान से पहले क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं भी खूब रहीं।

18 जून को झारखंड विधानसभा के सभी 81 विधायकों ने मतदान किया। मतगणना शुरू होते ही तस्वीर साफ होने लगी कि कई विधायकों ने अपेक्षित राजनीतिक लाइन से अलग मतदान किया है।

किसे मिले कितने वोट ?

उम्मीदवार

दल/समर्थन

प्राप्त मत

बैद्यनाथ राम

झामुमो (INDIA)

30

परिमल नाथवानी

एनडीए समर्थित निर्दलीय

28

प्रणव झा

कांग्रेस (INDIA)

20

राज्यसभा पहुंचने के लिए 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता थी। बैद्यनाथ राम ने सबसे अधिक 30 वोट हासिल किए, जबकि परिमल नाथवानी ने ठीक 28 वोट प्राप्त कर जीत सुनिश्चित की। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा 20 वोटों पर सिमट गए।

कितने वोट रद्द हुए ?

81 विधायकों ने मतदान किया। विजयी उम्मीदवारों को मिले 30 और 28 वोट तथा प्रणव झा को मिले 20 वोट जोड़ने पर कुल 78 वोट होते हैं। शेष 3 मत अमान्य (रद्द) घोषित किए गए।

चुनाव का सबसे बड़ा संदेश

इस चुनाव में सबसे ज्यादा वोट झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को मिले। इससे स्पष्ट हुआ कि झामुमो ने अपने समर्थन आधार को मजबूती से बनाए रखा। वहीं कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका और उसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा। दूसरी तरफ परिमल नाथवानी की जीत ने क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक रणनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने यह भी दिखा दिया कि झारखंड की राजनीति में संख्या बल के साथ-साथ रणनीति और विधायकों की अंतिम पसंद भी निर्णायक भूमिका निभाती है।