रामगढ़ कैंट (झारखंड) : शहर की सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्था शांतिधारा फाउंडेशन की ओर से गणिनाथ पब्लिक स्कूल के पुस्तकालय के लिए 30 नई पुस्तकें भेंट की गईं। साथ ही विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भगवद्गीता की एक-एक प्रति प्रसाद स्वरूप प्रदान की गई।
इस अवसर पर शांतिधारा फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरेश पी. अग्रवाल ने कहा कि बच्चों में पढ़ने की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से फाउंडेशन ने विद्यालयों में शिक्षाप्रद, आध्यात्मिक एवं प्रेरक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की परियोजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें बच्चों की सबसे अच्छी मित्र होती हैं और उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद लाल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनमें सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में मध्यदेशीय वैश्य समिति के अध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने शांतिधारा फाउंडेशन के पदाधिकारियों का स्वागत किया। वहीं विद्यालय प्रबंध समिति के चेयरमैन नंद किशोर गुप्ता ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर फाउंडेशन के संरक्षक अशोक गुप्ता, सह सचिव रोहित गुप्ता, विद्यालय के प्राचार्य जे. पी. द्विवेदी, शिक्षिकाएं आशा सिन्हा, श्वेता कुमारी, रीना कुमारी, पूजा ओझा, इंदु कुमारी, रूबी गोस्वामी, होलिका कुमारी, दुर्गा बनर्जी, नेहा पाठक तथा शिक्षक संजीत कुमार, हर्ष करमाली एवं दानिश अख्तर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।