रामगढ़ कैंट (झारखंड) : सामाजिक सेवा एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय बच्ची देवी सेवा समिति ने रविवार को रामगढ़ शहर में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाते हुए स्टील की चाय छन्नियां एवं लकड़ी के चम्मच का निःशुल्क वितरण किया। अभियान का उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक के स्थान पर सुरक्षित, स्वच्छ एवं टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
समिति के सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित चाय दुकानों, होटल संचालकों, फल एवं जूस विक्रेताओं तथा अन्य छोटे व्यवसायियों के बीच स्टील की चाय छन्नियां और लकड़ी के चम्मच वितरित किए। इस दौरान लोगों को बताया गया कि स्टील की छन्नियां प्लास्टिक की तुलना में अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और लंबे समय तक उपयोगी होती हैं।
अभियान के दौरान समिति ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि प्लास्टिक की चाय छन्नियों का लंबे समय तक बार-बार उपयोग स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में प्लास्टिक के बजाय स्टील जैसी टिकाऊ एवं सुरक्षित सामग्री का उपयोग करना अधिक लाभकारी है।
होटल संचालकों, चाय विक्रेताओं, फल एवं जूस विक्रेताओं ने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अभियान से उन्हें सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के बारे में उपयोगी जानकारी मिली है और वे भविष्य में स्टील की छन्नियों के उपयोग को प्राथमिकता देंगे।
समिति के सचिव जितेंद्र कुमार मंडल ने बताया कि संस्था समाजहित में स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान लगातार चलाती रही है। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मनोज मंडल (संरक्षक, झारखंड सेवा समिति) एवं कैलाश राम (प्रधानाचार्य, महात्मा गांधी उच्च विद्यालय, देवरिया) ने समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जनजागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में भोला शर्मा, कमलेश कुमार (प्रोप्राइटर, मेसर्स आई केयर, भदानीनगर ग्लास फैक्ट्री), राजू सरकार, चंद्रदीप राम, संतोष महतो, कुश कुमार, प्रिंस कुमार, हिमांशु कुमार एवं सुमित कुमार सहित कई लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के अंत में समिति के सदस्यों ने भविष्य में भी स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जनकल्याण से जुड़े जनजागरूकता अभियान निरंतर चलाने का संकल्प लिया।