रामगढ़ कैंट, झारखंड : लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़े रामगढ़ प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर स्थित देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थल की आखिरकार सुधि ली गई। बुधवार 12 अगस्त 2026 से प्रतिमा स्थल के जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया गया।
रामगढ़ प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नए भवन का निर्माण पुराने भवन की तुलना में अधिक ऊंचाई पर किया गया है। इसके कारण पूरा कार्यालय परिसर भी पहले के मुकाबले ऊंचा हो गया, लेकिन परिसर में स्थापित नेहरू की प्रतिमा और उसके आसपास का स्थल पूर्व की स्थिति में ही रह गया था। बारिश के दौरान प्रतिमा स्थल के चारों ओर जलजमाव होने से वहां कीचड़ और गंदा पानी जमा हो जाता था।
मंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई
नए प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन के उद्घाटन के दौरान झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी प्रतिमा स्थल की स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे जल्द दुरुस्त कराने की बात कही थी। इसके बावजूद करीब दो महीने तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इस मामले को लेकर प्रखर न्यूज ने 10 अगस्त 2026 को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों सहित कई जागरूक नागरिकों ने अधिकारियों, संबंधित विभागीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं तक सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से प्रतिमा स्थल की बदहाली की जानकारी पहुंचाई।
इसके बाद बुधवार से प्रतिमा स्थल के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया गया। इससे स्थानीय लोगों में संतोष है और उम्मीद जताई जा रही है कि कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा स्थल को जलजमाव एवं कीचड़ की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
1976 में हुआ था प्रतिमा का अनावरण
बताया जाता है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की इस प्रतिमा का अनावरण वर्ष 1976 में बिहार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बिंदुश्वरी दूबे ने किया था। दशकों पुराने इस स्मारक स्थल से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसके संरक्षण और नियमित रखरखाव की आवश्यकता भी जताई है।
जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रतिमा स्थल को नए कार्यालय परिसर के अनुरूप व्यवस्थित, ऊंचा और जलजमाव से मुक्त बनाने के लिए किस तरह का स्थायी इंतजाम किया जाता है।