रांची, झारखंड : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान देशभक्ति और राष्ट्र गौरव के रंग में नजर आया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। समारोह के दौरान पहली बार राष्ट्रीय गीत का गायन भी किया गया।
राजकीय समारोह में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, विधायक कल्पना सोरेन सहित सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में पुलिस की 14 प्लाटून ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की। ओडिशा पुलिस की प्लाटून ने भी इस बार विशेष रूप से समारोह में हिस्सा लिया।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं को मुख्यमंत्री का भरोसा
मुख्यमंत्री के संबोधन में युवाओं और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि झारखंड के लाखों युवा अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कठिन मेहनत कर रहे हैं और उनके अभिभावक भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार बच्चों की पढ़ाई पर संसाधन खर्च कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी युवाओं के साथ अन्याय है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षा में अनियमितता का असर सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे युवाओं का पूरी व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट व्यवस्था या अनियमितता के हवाले नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराना सरकार की नीति नहीं होगी ।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल दोषियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाना जरूरी है। सरकार समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर, तकनीक आधारित सुरक्षित परीक्षा प्रणाली, उत्तर कुंजी और ओएमआर की समय पर उपलब्धता तथा परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और अभिभावकों से परीक्षा सुधार की प्रक्रिया में सहभागी बनने की अपील की। इसी उद्देश्य से सरकार की ओर से ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान शुरू किए जाने की बात भी कही गई।
सरकारी नौकरी के साथ रोजगार के नए अवसरों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। लक्ष्य केवल सरकारी विभागों के रिक्त पदों को भरना नहीं, बल्कि राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा उद्योग, एमएसएमई, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने पर सरकार का जोर है।
उन्होंने युवाओं से अपनी मेहनत और क्षमता पर भरोसा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनका परिश्रम व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और युवाओं के सपनों की रक्षा करना उनके लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है।
किसानों को राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला बताया
मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। सरकार सिंचाई, बीज, समर्थन मूल्य, कृषि यंत्रीकरण और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया गया है और करीब तीन लाख परिवारों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ने का प्रयास हुआ है। इस योजना के तहत उत्पादित आम के निर्यात का भी उन्होंने उल्लेख किया।
एमएसएमई को बताया रोजगार का बड़ा आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक मजबूती केवल बड़े उद्योगों से नहीं बनती, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यम भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। झारखंड के कारीगर, बुनकर, महिला स्वयं सहायता समूह, हस्तशिल्प से जुड़े लोग और छोटे कारोबारी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संचालित हैं, जिनसे लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। सरकार का प्रयास इन क्षेत्रों को और विस्तार देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।