चितरपुर (रामगढ़), झारखंड : संत निरंकारी मिशन की रजरप्पा शाखा की ओर से शुक्रवार को सत्संग भवन में मुक्ति पर्व दिवस श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में मिशन से जुड़े बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सत्संग, भजन और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से प्रेम, भाईचारे और मानवता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान प्रचारक सह सहसंयोजक अशोक कुमार वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता तभी है, जब व्यक्ति के भीतर इंसानियत, प्रेम, दया और सद्भाव की भावना मौजूद हो। उन्होंने कहा कि गुरु की शरण में आने से मनुष्य को जीवन के सही मार्ग का ज्ञान मिलता है और वह मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
मानसिक बंधनों से मुक्ति ही वास्तविक स्वतंत्रता
अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि देश को राजनीतिक और सामाजिक आजादी मिले कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन मनुष्य आज भी कई प्रकार के मानसिक बंधनों से घिरा हुआ है। निंदा, चुगली, घृणा और आपसी द्वेष जैसी नकारात्मक भावनाएं व्यक्ति को भीतर से अशांत करती हैं।
उन्होंने कहा कि इन बुराइयों से स्वयं को मुक्त करना ही वास्तविक स्वतंत्रता की ओर कदम है। श्रद्धालुओं से उन्होंने प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ जीवन जीने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का आह्वान किया।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम के दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपने विचार साझा किए। इसके बाद प्रस्तुत किए गए भजनों से सत्संग भवन का वातावरण भक्तिमय हो गया। आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से उपस्थित लोगों को मानव सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में रजरप्पा शाखा मुखी दयानंद प्रसाद, नारायण महतो, तेज नारायण नायक, पंचम दास, नेमीचंद करमाली, अनीता देवी, नेहा देवी, सरिता देवी, रजनी देवी, शांति देवी, पदम देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।