लापता होने के बाद मिला सुराग, समर्थकों में राहत ; रात में बोलेरो से जबरन ले जाने का पनेश्वर ने लगाया आरोप
हज़ारीबाग, झारखंड : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता एवं रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी पनेश्वर कुमार महतो हजारीबाग के कन्हरी हिल के आसपास मिले हैं। जानकारी मिलने के बाद उन्हें स्वास्थ्य जांच एवं इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण जारी है। एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पनेश्वर कुमार महतो के मिलने की खबर के बाद जेएलकेएम के पदाधिकारी और समर्थक बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। उनके सकुशल मिलने से समर्थकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और उनके साथ हुई घटना को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
1 सितंबर की रात से थे लापता
पनेश्वर कुमार महतो, जो रामगढ़ के कैथा निवासी हैं, 1 सितंबर की रात करीब 10 बजे के बाद लापता हो गए थे। उनके लापता होने की सूचना के बाद जेएलकेएम समर्थकों और परिचितों ने पूरी रात उनकी तलाश की। इस दौरान उनकी गाड़ी गोबरदरहा चौक के पास मिली थी, जबकि वाहन में उनका मोबाइल फोन भी मिलने की बात सामने आई थी।
सफेद बोलेरो से जबरन ले जाने का आरोप
अस्पताल में पनेश्वर महतो ने अपने समर्थकों को बताया कि 1 सितंबर की रात करीब 10 बजे एक सफेद बोलेरो, जिसमें काले शीशे लगे थे और पुलिस का बोर्ड लगा हुआ था, वहां पहुंची। उनके अनुसार, वाहन में सवार लोगों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया।
पनेश्वर ने बताया कि वाहन में सवार लोगों ने उनके मोबाइल फोन से ही सहदेव महतो को फोन किया और गोबरदरहा चौक पहुंचकर गाड़ी ले जाने के लिए कहा। शुरुआत में उन्हें लगा कि वाहन पुलिस का है और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा, लेकिन उनके अनुसार ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने दावा किया कि वाहन में करीब पांच लोग सवार थे और उन्हें हजारीबाग की ओर ले जाया गया। पनेश्वर के आरोप के मुताबिक, रातभर उनके साथ प्रताड़ना और डराने-धमकाने की कोशिश की गई। इस दौरान उनसे पार्टी की गतिविधियों, विशेषकर कोयला और बालू से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता को लेकर भी कथित तौर पर सवाल किए गए और सक्रियता से दूर रहने की बात कही गई।
सुबह जंगल क्षेत्र में छोड़े जाने का दावा
पनेश्वर कुमार महतो के अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे उन्हें एक जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों से मदद मांगी। एक स्थानीय व्यक्ति से फोन लेकर उन्होंने अपने सहयोगी आनंद केटियार को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद समर्थक मौके पर पहुंचे और उन्हें हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज और स्वास्थ्य परीक्षण जारी है।