शिक्षक दिवस पर श्री कृष्ण विद्या मंदिर में विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षकों की भूमिका, मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ, प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने बताया गुरु के महत्व

रामगढ़ कैंट, झारखंड : श्री कृष्ण विद्या मंदिर में 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर हर्षोल्लास के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में भाषण, कविता, गीत एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं द्वारा शिक्षकों की भूमिका निभाना रहा। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के हाव-भाव, अनुशासन और शिक्षण शैली का बखूबी अनुसरण करते हुए विद्यालय की कक्षाओं में शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति ने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ उपस्थित लोगों को भी प्रभावित किया।

गुरु केवल ज्ञान नहीं, संस्कार भी देते हैं : गुरप्रीत कौर

विद्यालय की प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का स्थान हमारे जीवन में सर्वोच्च है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें सही और गलत में अंतर करना, अच्छे संस्कार अपनाना और जीवन में आगे बढ़ना भी सिखाते हैं।

उन्होंने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण एवं कार्यों की सराहना की।

‘गुरु वह दीपक हैं जो ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं’

विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल (अधिवक्ता) ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि गुरु का महत्व अत्यंत महान है। गुरु ही वह शक्ति हैं जो विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु को ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश की उपाधि दिया जाना उनके महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि गुरु स्वयं प्रकाशमान होकर दूसरों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाले दीपक हैं।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव विमल किशोर जाजू एवं संयुक्त सचिव अशोक अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

सूरत से संस्थापक सदस्य ने दी शुभकामनाएं

विद्यालय के संस्थापक सदस्य हनुमान प्रसाद गुप्ता ने गुजरात के सूरत से शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं दीं।

वहीं, कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं द्वारा अनुशासन एवं शिक्षण व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हुए निभाई गई शिक्षक की भूमिका कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और शिक्षकों की कार्यशैली की नकल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर गुरु के महत्व और सम्मान के गीतों से गूंज उठा। प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को पुनः शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।