रिम्स डेंटल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड के लिए रोका काम, आश्वासन के बाद खत्म की हड़ताल

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रांची, झारखंड  :  रिम्स डेंटल कॉलेज के इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड के भुगतान में हो रही देरी के विरोध में मंगलवार को काम बंद कर दिया। ओपीडी शुरू होने के बाद इंटर्न छात्रों ने कॉलेज परिसर में अपनी नाराजगी जताई और नियमित कार्य से अलग रहे। कुछ समय तक चले इस विरोध का असर दंत चिकित्सा सेवाओं पर भी देखने को मिला और इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को इंतजार करना पड़ा।

इंटर्न छात्रों का कहना था कि उन्हें निर्धारित स्टाइपेंड का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी कॉलेज प्रबंधन के समक्ष अपनी बात रखी गई थी, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने पर उन्हें काम बंद करने का फैसला लेना पड़ा।

छात्रों की मुख्य मांग लंबित स्टाइपेंड का शीघ्र भुगतान और आगे से भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध बनाए जाने की थी। इंटर्न छात्रों के काम से अलग रहने के कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों को कुछ सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ा।

प्राचार्य से बातचीत के बाद काम पर लौटे छात्र

विरोध की जानकारी मिलने के बाद रिम्स डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने इंटर्न छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए कहा कि स्टाइपेंड का भुगतान रोकना प्रबंधन की मंशा नहीं है। उन्होंने भुगतान में देरी के पीछे लेखा विभाग से जुड़ी तकनीकी समस्या को कारण बताया।

प्राचार्य ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि संबंधित तकनीकी अड़चन को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है और समस्या का समाधान होने के बाद लंबित स्टाइपेंड का भुगतान किया जाएगा। प्रबंधन से मिले आश्वासन के बाद इंटर्न छात्रों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और काम पर लौट गए।

हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे स्टाइपेंड भुगतान की स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। उनका कहना है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो वे दोबारा काम बंद करने को लेकर निर्णय ले सकते हैं।

राज्य के प्रमुख दंत चिकित्सा संस्थानों में शामिल है रिम्स डेंटल कॉलेज

रिम्स डेंटल कॉलेज में रांची के साथ-साथ झारखंड के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज दांतों से संबंधित इलाज के लिए पहुंचते हैं। कॉलेज की ओपीडी में नियमित रूप से मरीजों की भीड़ रहती है। ऐसे में इंटर्न छात्रों के काम से अलग रहने का सीधा असर मरीजों की सुविधा पर पड़ा और कुछ सामान्य दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए उन्हें अतिरिक्त समय तक इंतजार करना पड़ा।