रामगढ़ कैंट, झारखंड :रामगढ़ शहर के लोहार टोला स्थित ऐतिहासिक होलिकादहन स्थल की सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के विवाद को लेकर अब अटल विचार मंच भी सक्रिय हो गया है। मंच के संयोजक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने एक बयान जारी कर पूर्व विधायक शंकर चौधरी के प्रयासों का खुला समर्थन किया है।
सिन्हा ने कहा कि लगभग 70–75 वर्ष पुरानी सार्वजनिक भूमि को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने हमेशा एकजुट प्रयास किए हैं, लेकिन हाल के दिनों में इस भूमि पर फर्जी कागजातों के आधार पर अवैध कब्जे की कोशिश चिंताजनक है। आरोप है कि हथियारों और लाठियों के बल पर जबरन कब्जा जमाने की कोशिश की गई, जो कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
उन्होंने याद दिलाया कि करीब दो दशक पहले भी कुछ लोगों ने इसी भूमि पर गैरकानूनी दस्तावेजों के सहारे कब्जा करने का प्रयास किया था, लेकिन स्थानीय नागरिकों के विरोध से वह योजना विफल हो गई थी।
मौन जनप्रतिनिधियों पर उठे सवाल
यशवंत सिन्हा ने कहा कि इस बार भी विवाद बढ़ने के बावजूद क्षेत्र के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की चुप्पी कई प्रश्न खड़े करती है। ऐसी संवेदनशील स्थिति में जनभावनाओं और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा को लेकर उनकी जिम्मेदारी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
पूर्व विधायक शंकर चौधरी पर बदसलूकी का आरोप
सिन्हा ने बताया कि प्राप्त सूचना के अनुसार पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने अवैध कब्जे का विरोध करते हुए कार्य को रुकवाया। इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है बल्कि राजनीतिक-सामाजिक वातावरण में बढ़ती अराजक प्रवृत्ति को भी उजागर करती है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
अटल विचार मंच ने इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, तथा धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।