बालसिरिंग बनेगा रांची रेल मंडल का नया टर्मिनल, हटिया कोचिंग डिपो पर दबाव कम करने की तैयारी

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रांची, झारखंड : रांची रेल मंडल में ट्रेन संचालन को सुगम बनाने और भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। हटिया स्टेशन के कोचिंग डिपो पर बढ़ते भार और जगह की कमी के कारण अब बालसिरिंग स्टेशन को वैकल्पिक टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया कोचिंग डिपो तैयार होगा, जिससे ट्रेनों के रखरखाव और संचालन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार हटिया कोचिंग यार्ड की संरचना विस्तार के लिए उपयुक्त नहीं है और फिलहाल उपलब्ध मात्र 8 वॉशिंग पिट लाइनें वर्तमान आवश्यकताओं को ही मुश्किल से संभाल पा रही हैं। ऐसे में हटिया से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित बालसिरिंग स्टेशन सबसे बेहतर विकल्प के रूप में चुना गया है।

नई योजना के अनुसार दक्षिण और पश्चिम दिशा की अधिकतर ट्रेनें अब बालसिरिंग से ही प्रारंभ एवं समाप्त होंगी। वहीं उत्तर दिशा की ट्रेनें बालसिरिंग से चलकर लोढमा–पिस्का बाइपास के माध्यम से टोरी रूट से आगे बढ़ेंगी। इसके अलावा उत्तर तथा पूर्व दिशा की कई ट्रेनों को बालसिरिंग से प्रस्थान के बाद हटिया और रांची स्टेशन पर 10–10 मिनट का ठहराव दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में सुविधा मिल सके।

बालसिरिंग स्टेशन की सबसे बड़ी ताकत उसकी बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी मानी जा रही है। यह रांची रिंग रोड से सिर्फ 500 मीटर, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से लगभग 8 किलोमीटर और रांची शहर केंद्र से करीब 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यात्रियों को यहां तक पहुंचने में आसानी होगी।

यह परियोजना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत देश के 48 बड़े शहरों में अगले कुछ वर्षों में ट्रेन संचालन क्षमता को दोगुना करने की योजना पर कार्य हो रहा है। इसी क्रम में रेलवे ने रांची–हटिया–बालसिरिंग रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए सर्वे की मंजूरी भी दे दी है।

इस कदम से यात्रियों को बेहतर सुविधा, कम भीड़भाड़ और समयपालन में सुधार की उम्मीद है।