झारखंड : पलामू में कथित हत्या का आरोप निकला गलत, नवविवाहिता अजमेर से दोस्त के साथ मिली

Spread the love

पलामू, झारखंड :  पलामू जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले में कथित हत्या और शव फेंकने के आरोपों की जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में पुलिस ने नवविवाहिता शगुफ्ता प्रवीण को सुरक्षित राजस्थान के अजमेर से बरामद कर लिया है, जहां वह अपने दोस्त के साथ रह रही थी।

मामला मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के करारिया गांव का है। जानकारी के अनुसार, इस्लामुद्दीन अंसारी के पुत्र मोहम्मद फिरदौस अंसारी की शादी उत्तर प्रदेश निवासी अजीमुद्दीन अंसारी की पुत्री शगुफ्ता प्रवीण से 8 अक्टूबर 2025 को हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद ससुराल पक्ष ने शगुफ्ता के अचानक लापता होने की सूचना दी।

इस खबर के बाद शगुफ्ता के पिता अजीमुद्दीन अंसारी यूपी से मोहम्मदगंज थाना पहुंचे और ससुराल वालों पर बेटी की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाया। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया कि शादी में नगद, जेवरात सहित करीब 15 लाख रुपये का उपहार दिया गया था और बेटी को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था।

अजीमुद्दीन अंसारी ने यह भी दावा किया कि 6 दिसंबर 2025 की रात करीब 8:45 बजे शगुफ्ता ने फोन कर घबराहट जताई थी, जबकि 7 दिसंबर को ससुराल पक्ष ने बताया कि वह घर से भाग गई है। मामले को लेकर वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मोहम्मदगंज थाना में कांड संख्या 96/2025 दर्ज की गई।

पुलिस की तकनीकी जांच के बाद नवविवाहिता को राजस्थान के अजमेर से बरामद किया गया। मामले को लेकर मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन ने बताया कि शगुफ्ता अपने एक दोस्त के साथ रह रही थी, जिससे उसकी दोस्ती शादी से पहले की थी। परिवार की ओर से हत्या और अपहरण सहित गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन जांच में उनकी पुष्टि नहीं हुई।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।