रामगढ़, झारखंड :रामगढ़ झारखंड में केसर-ए-हिंद श्रेणी की जमीन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने इस संबंध में उपायुक्त को पत्र लिखकर व्यापक जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रेस वार्ता आयोजित कर पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक की।
शंकर चौधरी ने बताया कि 3 जनवरी 2026 को एक स्थानीय दैनिक अखबार में प्रकाशित खबर के बाद उन्होंने स्वयं जांच शुरू की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि लोहार टोला क्षेत्र में लगभग तीन एकड़ केसर-ए-हिंद जमीन पर अवैध रूप से दुकान, मकान, गुमटी और बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि काली मंदिर के पूर्व से लेकर पीछे तक और सड़क के दोनों ओर की जमीन केसर-ए-हिंद श्रेणी की है।
पूर्व विधायक के अनुसार, जमीन पर काबिज लोगों के पास किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं है। आरोप है कि एक दबंग परिवार के निर्देश पर लोग निर्माण कर रहे हैं और उनसे भारी भरकम मासिक किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में अंचल अधिकारी द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और कथित रूप से लेन-देन कर मामला दबा दिया गया।
शंकर चौधरी ने कहा कि रामगढ़ शहर में करीब 50 एकड़ केसर-ए-हिंद जमीन है, जिसकी समग्र जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जाए और किराया वसूलने वाले दबंगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रेस वार्ता में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो कानून और प्रशासन दोनों की साख पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने उपायुक्त से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की अपील की है।