झारखंड में जनवरी 2026 में वाहन खुदरा बिक्री में 22.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी, दोपहिया व ट्रैक्टर से बाजार को मिला मजबूत सहारा

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रांची, झारखंड : प्रदेश स्तर पर जनवरी 2026 में झारखंड के ऑटोमोबाइल बाजार में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) झारखंड के अनुसार राज्य में जनवरी 2026 के दौरान कुल 57,780 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जबकि जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 47,054 इकाई रहा था। इस प्रकार वर्ष-दर-वर्ष आधार पर झारखंड में वाहन बिक्री में 22.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

फाडा झारखंड चैप्टर के चेयरपर्सन गोविंद पी. मेवाड़ ने पत्रकार सम्मलेन में पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में जीएसटी में दी गई राहत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती क्रय शक्ति का सीधा असर झारखंड के वाहन बाजार पर देखने को मिल रहा है।

वाहन श्रेणीवार प्रदर्शन (झारखंड)

झारखंड में दोपहिया वाहनों की बिक्री जनवरी 2026 में 24.05 प्रतिशत बढ़कर 44,059 इकाई पर पहुंच गई, जबकि जनवरी 2025 में यह 35,517 इकाई थी।
तीन पहिया वाहनों की बिक्री में भी उल्लेखनीय उछाल देखा गया और जनवरी 2026 में 2,870 इकाई की बिक्री के साथ 38.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वर्ष जनवरी में यह आंकड़ा 2,066 इकाई था।

यात्री वाहनों के क्षेत्र में झारखंड में जनवरी 2026 के दौरान 7,585 इकाई की बिक्री हुई, जो जनवरी 2025 की 6,442 इकाई की तुलना में 17.74 प्रतिशत अधिक है।

ट्रैक्टर श्रेणी में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी 2026 में ट्रैक्टर की बिक्री 40.31 प्रतिशत बढ़कर 1,528 इकाई हो गई, जबकि जनवरी 2025 में 1,089 इकाई की ही बिक्री हुई थी।

वहीं, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में गिरावट देखी गई। जनवरी 2026 में इस श्रेणी में 1,648 इकाई की बिक्री हुई, जो जनवरी 2025 के 1,800 इकाई की तुलना में 8.44 प्रतिशत कम है।
इसी तरह निर्माण उपकरण श्रेणी में भी 22.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और जनवरी 2026 में केवल 105 इकाई की बिक्री हो सकी, जबकि जनवरी 2025 में यह 153 इकाई थी।

देशभर के आंकड़ों में भी मजबूती

यदि पूरे देश के स्तर पर देखा जाए तो जनवरी 2026 में कुल 27,22,558 वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई, जो जनवरी 2025 के 23,14,940 इकाई के मुकाबले 17.61 प्रतिशत अधिक है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जीएसटी राहत से बढ़ी मांग

फाडा झारखंड के अनुसार वाहनों की बिक्री में आई इस तेजी के पीछे जीएसटी में दी गई छूट और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसे भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकारी राजस्व में भी इजाफा

वाहन बिक्री में बढ़ोतरी के साथ-साथ केंद्र सरकार के राजस्व संग्रह में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी 2026 में सरकारी राजस्व 6.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.93 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि जनवरी 2025 में यह 1.82 लाख करोड़ रुपये था।

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए कर सुधार और प्रोत्साहन संबंधी निर्णयों का लाभ उपभोक्ताओं, उद्योग जगत और सरकार तीनों को मिला है, जिससे झारखंड सहित देश के व्यावसायिक परिदृश्य में मजबूती आई है।