रामगढ़ नगर परिषद उपाध्यक्ष चुनाव कल, रणधीर गुप्ता और प्रतिभा शरण के बीच  टक्कर ; पार्षदों की ‘बोली’ की चर्चा तेज

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चर्चा के अनुसार दोनो पक्ष से लग रहा है कोयला व्यवसाय व रैक लोडिंग का पैसा

रामगढ़, झारखंड :  रामगढ़ नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नवनिर्वाचित 32 पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद मंगलवार 17 मार्च 2026 को उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। फिलहाल इस पद के लिए वार्ड नंबर 17 के पार्षद रणधीर गुप्ता और वार्ड नंबर 24 की पार्षद प्रतिभा शरण के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार वार्ड नंबर 4 के पार्षद अरुण कुमार कुशवाहा का नाम भी शुरुआत में उपाध्यक्ष पद की दौड़ में चर्चा में था, लेकिन वर्तमान हालात में वे इस दौड़ में पिछड़ते नजर आ रहे हैं।

उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर शहर में कई तरह की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। बताया जा रहा है कि पार्षदों को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए साम-दाम-दंड-भेद की राजनीति अपनाई जा रही है। यहां तक कि कुछ पार्षदों के लिए सात लाख रुपये तक की ‘बोली’ लगाए जाने की चर्चा भी बाजार में गर्म है।

मिली जानकारी के अनुसार कुछ पार्षदों को छोड़कर कई पार्षद अपने समर्थक उम्मीदवारों के साथ रामगढ़ से बाहर होटलों और गेस्ट हाउस में पिछले कई दिनों से ठहरे हुए हैं। ताकि चुनाव से पहले किसी तरह का राजनीतिक समीकरण न बदल सके।

इस बार जिले के एक  कोयला और रैक व्यवसयी जोड़ी  की सक्रियता भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि उपाध्यक्ष पद के एक उम्मीदवार पहले इन व्यवसायियों के यहां काम करते थे। इसी वजह से इन व्यवसायियों के कार्यालय में बैठकों का दौर चलता रहा और वहीं से पार्षदों को समर्थन के लिए ऑफर दिए जाने की चर्चा भी है। वहीं दूसरे पक्ष से भी कोयला व्यवसााय व रैक लोडिंग का पैसा उपाध्यक्ष बनने के लिए लगाये जाने की चर्चा है।बताया जाता है कि दुसरे उम्मीदवार के परिवार के सदस्य भी कोयला व्यवसाय व रैक लोडिंग से जुड़े हूये हैं। यह कहा जा सकता है कि इस बार कोयला व्यवसाय व रैक लोडिंग मंें लगे लोग ही उपाध्यक्ष पद का फैसला करेंगे।

दूसरी ओर प्रतिभा शरण के समर्थन में आजसू का एक धड़ा सक्रिय बताया जा रहा है। इस धड़े को सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और विधायक तिवारी महतो का समर्थन मिलने की भी चर्चा है। अध्यक्ष पद के चुनाव में मिली हार के बाद यह धड़ा उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश में जुटा है।

वहीं रणधीर गुप्ता के कांग्रेस से जुड़े होने के कारण रामगढ़ के विधायक और कांग्रेस के कई नेता उनके समर्थन में सक्रिय बताए जा रहे हैं।

हजारीबाग में अध्यक्ष पद पर हार के बाद एनडीए और भाजपा समर्थित नेताओं ने एकजुट होकर अपने उम्मीदवार को उपाध्यक्ष बनाने में सफलता हासिल की थी। ऐसे में अब चर्चा इस बात की भी है कि क्या रामगढ़ में भी हजारीबाग जैसा राजनीतिक समीकरण देखने को मिलेगा।

हालांकि मौजूदा समीकरणों और कोयला-रैक व्यवसायियों की सक्रियता को देखते हुए रणधीर गुप्ता का पलड़ा फिलहाल भारी बताया जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मंगलवार 17 मार्च को होने वाले मतदान में किस उम्मीदवार के सिर उपाध्यक्ष का ताज सजता है।