हजारीबाग (झारखंड) में दरिंदगी के खिलाफ ऐतिहासिक बंद, सड़कों पर सन्नाटा और हर तरफ आक्रोश

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गिद्दी कोयलांचल क्षेत्र में भी बंद का व्यापक असर

हजारीबाग (झारखंड) : हजारीबाग (झारखंड) के विष्णुगढ़ क्षेत्र में 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना के विरोध में सोमवार को पूरे जिले में व्यापक बंद का असर देखने को मिला। इस बंद का आह्वान भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के नेताओं द्वारा किया गया था, जिसे फेडरेशन ऑफ़ हज़ारीबाग़ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भी समर्थन दिया।

गिद्दी में सड़क जाम करते भाजपा समर्थक

बंद के दौरान शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर आवाजाही बेहद कम रही और प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर ताले लटके नजर आए। पूरे शहर में एक तरह का सन्नाटा पसरा रहा, जो इस घटना के प्रति लोगों के गहरे आक्रोश को दर्शाता है।

व्यापारियों और आम लोगों ने एकजुट होकर इस जघन्य अपराध के खिलाफ विरोध जताया। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज की संवेदनाओं को झकझोर देती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। नागरिकों ने प्रशासन से त्वरित गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और हजारीबाग एसपी से जवाब तलब किया है। वहीं राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोरतम सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इधर, गिद्दी कोयलांचल क्षेत्र में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और कई स्थानों पर बांस-बल्लियों से रास्ता जाम कर दिया गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। स्थानीय नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस संदिग्धों पर नजर बनाए हुए है।