रामगढ़ (झारखंड) : जिले के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास को लेकर उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, आवश्यक तैयारियों और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान झारखण्ड हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन के आलोक में विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पुनर्विकास कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।
बैठक में भूमि उपलब्धता, अवसंरचना विकास, यातायात प्रबंधन, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उपायुक्त ने कहा कि राजरप्पा मंदिर आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है, इसलिए इसका योजनाबद्ध और समग्र विकास अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने वन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रस्तावित योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करें।
उपायुक्त ने बताया कि इस पुनर्विकास योजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।