इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बताया कि इस योजना से राज्य के सात लाख से अधिक कर्मचारी, पदाधिकारी, सेवानिवृत्त कर्मी और उनके आश्रित लाभान्वित होंगे। अब उन्हें देशभर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि “अबुआ हेल्थ कार्ड” का कवरेज 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लगभग 15 हजार कर्मियों को भी इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।
जसास के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने कहा कि यह योजना नए स्वरूप में लागू हो रही है, जिससे राज्यकर्मियों को बेहतर, सुलभ और पूरी तरह कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा। योजना के तहत देशभर के करीब 600 अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पिछले वर्ष 10 हजार से अधिक मरीजों का हुआ इलाज
पिछले वर्ष इस योजना के तहत 10,257 मरीजों का इलाज किया गया, जिस पर लगभग 51 करोड़ रुपये खर्च हुए।
रिम्स और एड्स कंट्रोल सोसाइटी के बीच एमओयू
इस दौरान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) और झारखंड स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के बीच भी एमओयू किया गया। इसके तहत एआरटी सेंटरों में इलाजरत एचआईवी संक्रमितों की सेवाओं की गुणवत्ता सुधार को लेकर शोध कार्य किया जाएगा।
ओपीडी से लेकर दवा खर्च तक मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत ओपीडी, फॉलोअप, दवा खर्च, यात्रा भत्ता, आयुष उपचार, मेडिकल एडवांस और आवश्यकतानुसार रिवॉल्विंग फंड जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अपर सचिव सह एमडी एबीडीएम विद्यानंद शर्मा पंकज, एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, टाटा एआइजी के प्रेसिडेंट मधुकर सिन्हा, एएजी आशुतोष आनंद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।