रामगढ़ (झारखंड) : छह माह बाद  मूक बधिर बालक अपनी मां से मिला, जिला प्रशासन और UIDAI के प्रयास से परिवार से हुआ पुनर्मिलन

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रामगढ़ (झारखंड) : जिला बाल संरक्षण इकाई, रामगढ़ और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के संयुक्त प्रयास से छह माह से अपने परिवार से बिछड़ा एक मुखबधिर बालक आखिरकार अपनी जैविक मां से मिल सका। रविवार को बालक को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार 27 नवंबर 2025 को लगभग 15 वर्षीय एक मुखबधिर बालक कोठार चौक में भटकता हुआ चाइल्ड लाइन  इंडिया  फाउंडेशन, रामगढ़ को मिला था। बालक अपना नाम और पता बताने में पूरी तरह असमर्थ था। इसके बाद बेहतर देखभाल और संरक्षण के लिए उसे चाइल्ड वेलफेयर कमिटी  के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई ने बालक के जैविक परिवार की तलाश के लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। पहचान के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया। साथ ही, यूआइडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय रांची के सहयोग से बालक का आधार विवरण प्राप्त किया गया। पहले से बने आधार कार्ड के रिकॉर्ड से उसके घर का पता मिला और परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा सका।

18 मई 2026 को लगभग छह माह बाद जिला प्रशासन और UIDAI के प्रयासों से बालक को उसकी जैविक मां को सौंप दिया गया। इस भावुक पल ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भावुक कर दिया।

बालक को सुपुर्द करने के दौरान शंकर प्रसाद, संतोष भगत, इंदू  प्रभा खलखो, शांति बागे , अमर कुमार टोप्पो, आरती पंकज, रंजीत कुमार  साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।