झारखंडी ऑटो-टैक्सी चालकों के समर्थन में उतरे धनंजय कुमार पुटूस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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महाराष्ट्र में झारखंड के मेहनतकश नागरिकों के साथ कठोरता नहीं, मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए : धनंजय कुमार पुटूस

रामगढ़ कैंट, झारखंड :  भाजपा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि (मीडिया) धनंजय कुमार पुटूस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी एवं अन्य स्वरोजगार से जुड़े झारखंड के नागरिकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। उन्होंने मराठी भाषा सीखने के लिए झारखंडी नागरिकों को कम-से-कम एक वर्ष का समय देने का आग्रह किया है।

धनंजय कुमार पुटूस ने कहा कि महाराष्ट्र की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। झारखंड के हजारों लोग वर्षों से महाराष्ट्र में रहकर मेहनत-मजदूरी, ऑटो-टैक्सी संचालन और छोटे व्यवसाय के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसके साथ ही वे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केवल मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने के कारण अचानक किसी व्यक्ति के रोजगार पर संकट खड़ा करना उचित नहीं होगा। भाषा सीखने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ आवश्यक समय और अवसर दिया जाना चाहिए, न कि दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

भाजपा नेता ने विशेष रूप से गरीब एवं निम्न आय वर्ग के ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने हेतु कम-से-कम एक वर्ष का समय देने तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की।

धनंजय कुमार पुटूस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संबंधित विभागों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर झारखंड के मेहनतकश नागरिकों को राहत प्रदान की जाए।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड दोनों ही मेहनतकश लोगों, विविध संस्कृतियों और सामाजिक समरसता की धरती हैं। भाषा दिलों को जोड़ने का माध्यम बने, रोजी-रोटी छीनने का कारण नहीं।