महर्षि परमहंस कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन

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शिक्षा मानव जीवन को उन्नत और बेहतर बनाने की सतत् प्रकिया है – डॉ राजेश महतो

रामगढ़, झारखंड : हुहुआ कोठार स्थित महर्षि परमहंस काॅलेज ऑफ एजुकेशन  में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के परिपेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृति पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार समापन बुधवार को हुआ। सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ राजेश महतो ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, कला और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। यह परंपरा ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, कला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को एकीकृत करती है और विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति शिक्षा को एक समग्र और संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। यह शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, और मूल्यों से संपन्न बनाती है, जिससे वे समाज के लिए उपयोगी और सफल नागरिक बन सकते हैं। सेमिनार में प्राचार्य डॉ जीआर चौरिया, सहायक प्राध्यापक डॉ नील कमल सिन्हा, सहायक प्राध्यापक राहुल सिंह, सहायक प्राध्यापक दिनेश्वर मुंडा,सहायक प्राध्यापिका जया झा,सहायक प्राध्यापक चंचला कुमारी, सहायक प्राध्यापक अबोध चंद्र महतो, सहायक प्राध्यापक पुनम सिंह, सहायक प्राध्यापक प्रकाश महतो, सहायक प्राध्यापक अमृत महतो ने अपने अपने विचार रखे। संचालन बी एड प्रशिक्षु विकास कुमार, मुस्कान शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। बी एड प्रशिक्षु रंजित कुमार, अमित कुमार, कृति विश्वकर्मा, मोतीलाल कुमार, काजल कुमारी, राजकुमार महतो,चारुलता कुमारी,दीपशिखा राणा,निकीता पौदार,मानसी मेहता, आशा कुल्लू, सीता तिर्की,पुजा कुमारी, सोनल कुमारी, लक्ष्मी कुमारी आदि ने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापिका चंचला कुमारी ने किया।