रामगढ़ कैंट, झारखंड : रामगढ़ जिला के कुजू ओपी क्षेत्र स्थित महुआ टुंगरी करमा में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से शनिवार को चार लोगों की मौत हो गयी थी तथा तीन घायल हो गये थे। मृतकों में एक काअंतिम संस्कार उसके परिजनों ने कर दिया था। जबकी तीन अन्य मृतकों के परिजन शवों को सीसीएल के करमा प्रोजेक्ट कार्यालय में रख दिया था। परिजनों की मांग थी कि 20 लाख रुपये मुआवजा तथा एक आश्रीत को नौकरी दिया जाय। इस पर देर रात तक प्रशासन, मृतकों के परिजन, विभिन्नि दलों के लोगों के अलावा सीसीएल के अधिकारी मौजूद थे। रात के लगभग ढाई बजे यह तय हुआ कि सीसीएल की ओर से सहायता के रूप में मृतकों के आश्रितों को एक लाख 70 हजार रुपये दिये जाएंगे तथा कोलियरी में आउटसोर्सिंग प्रारंभ होने पर एक एक आश्रित को आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी दिया जाएगा। साथ ही अंचल कार्यालय द्वारा भी हर मृतक को 30 हजार रुपये देने की घोषणा की गयी। समझौते के बाद गतिरोध समाप्त हुआ तथा शवों को हटाया गया। मौके पर एसडीओ, पुलिस अधिकारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल व ग्रामीण मौजूद थे। वार्ता के दौरान कई दौर की वार्ता हुई तथा विफल रहीं। कई नेता वापस हो गये तथा काफी मशक्कत के बाद रात में ढाई बजे समझौता हो सका।
करमा कोलियरी में दिन भर अधिकारियों की सक्रियता बनी रही
दुर्घटना को लेकर करमा कोलियरी में दिन भर प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता बनी रही। दुर्घटना की खबर पाकर खान सुरक्षा महानिदेशालय के डीजीएमस व डीडीजीएमस अपनी टीम के साथ करमा कोलियरी का दौरा किया तथा हालात का जायजा लिया। साथ ही सीसीएल, पुलिस व प्रशासन के भी कई अधिकारी करमा कोलियरी पहंच का हालात का जायजा लिया।
अवैध खनन के दौरान होने वाली मौतों को पुलिस व प्रशासन कानूनन तौर पर क्या दिखायेगी ?
शनिवार को हुये दुर्घटना में यह स्पष्ट था कि अवैध रूप से कोयला उत्खन्न करने के क्रम में चाल धंसी थी। अब सवाल यह उठता है कि जब अवैध उत्खन्न के दौरान चाल गिरने से मौत हुई तो पुलिस व प्रशासन इन मौतो के कारण को क्या दिखायेगी। आश्चर्य जनक बात यह है कि अवैध उत्खनन के दौरान हुई मौत को सहायता राशि बता रुपये दिये जा रहे हैं। मानवीय संवेदना तो अपनी जगह है तथा किसी की मौत दुखदायी है। लेकिन अवैध काम के दौरान हुई मौत में राशि प्रदान करना क्या अवैध उत्खन्न करने वालों का मनोबल नहीं बढ़ाएगा। साथ ही पुलिस, प्रशासन व सीसीएल प्रबंधन लोगों की भीड़ के आगे असहाय नजर आयी। ऐसे में क्या अवैध कोयला उत्खन्न पर रोक लग पायेगा ?
दुर्घटना के बाद राजनीति भी चलती रही
महुआ टुंगरी करमा में हुयी दुर्घटना के मौत के बाद राजनीति भी चलती रही। इस मामले में भाजपा के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर दुख जताते हुये कहा कि राज्य सरकार व प्रशासन की शह पर अवैध उत्खनन हो रहा है तथा मौतों का जिम्मेवार प्रशासन व राज्य सरकार है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के स्थानीय नेता भी मुआवजा दिलाने के लिए वार्ता में शामिल हुये तथा प्रयास किया। अब यह यक्ष प्रश्न है कि भाजपा के नेता जब अवैध उत्खनन को गैर कानूनी बता हैं। तब गैर कानूनी कार्य करने वाले तथा कानून तोड़ने वालों के लिए भाजपा के स्थानीय नेता मुआवजा क्यों दिलवाना चाह रहे थे। वार्ता के क्रम में मांडू विधायक भी पहुंचे थे। वहीं दूसरी ओर इस मामले में सत्ता पक्ष के नेताओं ने कुछ भी बयान नहीं दिया।