गया में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान भावनात्मक लम्हा : दशरथ मांझी के बेटे को सौपी गई नवनिर्मित घर की चाबी

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गया (बिहार) : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा सोमवार को ऐतिहासिक धर्मनगरी गयाजी पहुंची, जहां खलिश पार्क में आयोजित जनसभा के दौरान एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक कार्यक्रम देखने को मिला। राहुल गांधी ने पर्वत पुरुष के नाम से विख्यात दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ मांझी को उनके नवनिर्मित घर की चाबी सौंपी

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने जून माह में गया पहुंचकर दशरथ मांझी के परिवार से मुलाकात की थी तथा उस समय परिवार की बदहाल स्थिति को देखते हुए उनके लिए पक्का मकान बनवाने का वादा किया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा उस वादे को अमलीजामा पहनाते हुए तेज़ी से निर्माण कार्य पूरा कराया गया और अब मात्र एक महीने के भीतर ही घर की चाबी परिवार को दे दी गई।

कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, गया शहर के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।

कौन थे दशरथ मांझी

दशरथ मांझी को “माउंटेन मैन” कहा जाता है। उन्होंने गया जिले के गहलौर गांव से अस्पताल और बाजार तक पहुंचने के लिए 22 वर्षों तक अकेले हथौड़ा और छैनी से पहाड़ काटकर 360 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी सड़क बना दी थी। उनका संघर्ष आज भी सामाजिक बदलाव और दृढ़संकल्प की मिसाल माना जाता है।

राहुल गांधी ने क्या कहा

सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “दशरथ मांझी ने अकेले अपने दम पर एक पहाड़ काट दिया। यह परिवार न्याय और सम्मान का हकदार है। हमें खुशी है कि आज उनके बेटे को घर की चाबी सौंपने का अवसर मिला।” उन्होंने आगे कहा कि वोटर अधिकार यात्रा संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है और हर नागरिक को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने की जरूरत है।

यात्रा का उद्देश्य

वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य मतदाता सूची में गड़बड़ी, नाम कटने और वोट चोरी की शिकायतों को लेकर जनजागरण करना है। इस यात्रा की शुरुआत रविवार को सासाराम से हुई थी और अगले कुछ दिनों तक यह यात्रा बिहार के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए कई सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम करेगी।