पतरातू विद्युत परियोजना के यूनिट-1 का 72 घंटे का सफल ट्रायल पूरा, झारखंड को मिलेगी ऊर्जा आपूर्ति

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पीवीयूएनएल ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, ऊर्जा उत्पादन में झारखंड को 85% आपूर्ति का लक्ष्य

रामगढ़, झारखंड : पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) ने गुरुवार को अपनी विद्युत परियोजना के यूनिट-1 (3×800 मेगावाट) का 72 घंटे का सफल ट्रायल रन पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि झारखंड राज्य में ऊर्जा उत्पादन और विश्वसनीयता को नई दिशा देने वाला मील का पत्थर मानी जा रही है।

इस सफलता पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए.के. सहगल, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) अनुपम मुखर्जी, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) मनीष क्षेत्रपाल, महाप्रबंधक (परियोजना) विष्णु दत्ता दास, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) ओ.पी. सोलंकी, तथा महाप्रबंधक (टी एंड एस) संगीता दास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए.के. सहगल ने कहा कि यूनिट-1 के सफल ट्रायल ऑपरेशन का श्रेय पीवीयूएनएल, एनटीपीसी, झारखंड सरकार और सभी साझेदार संस्थाओं की सामूहिक प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों को जाता है। उन्होंने बताया कि परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद यह 3×800 मेगावाट क्षमता वाली विद्युत परियोजना झारखंड राज्य में बिजली की उपलब्धता और स्थिरता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी, जिससे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

सहगल ने कहा कि पीवीयूएनएल झारखंड को अपनी कुल विद्युत उत्पादन का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता हमारे तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मियों के निरंतर प्रयासों, झारखंड सरकार के सहयोग और सभी हितधारकों के समर्थन से संभव हुई है।

उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना में नवीनतम अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक, एयर-कूल्ड कंडेंसर (ACC) प्रणाली, और ड्राई ऐश यूटिलाइजेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जो कार्बन उत्सर्जन में कमी, जल संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देता है। यह मॉडल सर्कुलर इकॉनमी के सिद्धांतों को भी प्रोत्साहित करता है।

इस उपलब्धि के साथ पतरातू परियोजना झारखंड को आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा आपूर्ति के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रही है।