रांची, झारखंड :झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र शुक्रवार, 5 दिसंबर से शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत सदन में शोक प्रस्ताव पढ़े जाने के साथ हुई, जिसमें देश और राज्य की कई प्रमुख हस्तियों के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की गई। विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, सरयू राय, प्रदीप यादव सहित अन्य विधायकों ने शोक प्रस्ताव पर अपनी भावनाएं प्रकट कीं। शोक प्रस्ताव के पश्चात सदन में मौन रखा गया और फिर कार्यवाही सोमवार (8 दिसंबर) तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि
सदन ने राजनीति, कला, साहित्य, उद्योग और समाज सेवा से जुड़े उन व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी, जिनका हाल ही में निधन हुआ। इनमें प्रमुख रूप से—
प्रसिद्ध अभिनेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र
हास्य अभिनेता गोवर्धन असरानी
महाभारत’ के कर्ण की भूमिका निभाने वाले पंकज धीर
शास्त्रीय संगीत के दिग्गज पंडित छन्नूलाल मिश्र
हिंदुजा ग्रुप के अध्यक्ष गोपीचंद हिंदूजा
उद्योगपति रामचंद्र रूंगटा
मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री डी.डी. लपांग
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जायसवाल
सदन ने झारखंड से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्व पूर्व सांसद सलाउद्दीन अंसारी, जनजातीय नेता जार्ज तिर्की, जेओए के पहले अध्यक्ष बी.सी. ठाकुर, और पूर्व महालेखाकार व लेखक बेंजामिन लकड़ा को भी श्रद्धांजलि दी।
दुर्घटनाओं और हमलों में जान गंवाने वालों को भी याद किया गया
शोक प्रस्ताव में निम्न घटनाओं में मृत लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई—
दिल्ली मेट्रो स्टेशन के पास हुए बम विस्फोट के पीड़ित
सऊदी अरब बस दुर्घटना
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू–कश्मीर में बाढ़ व भूस्खलन में मारे गए लोग
बिहार में छठ पूजा के दौरान हुई मौतें
उधमपुर में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान मिलन सिंह राजपूत सहित नक्सल मुठभेड़ों में शहीद जवान
हेमंत सोरेन और बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा ?
सदन के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत हस्तियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज और देश ने अपूरणीय क्षति झेली है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी शोक प्रस्ताव पर बोलते हुए दिवंगत के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और उनके कार्यों को याद किया ।
सोमवार को फिर शुरू होगा सत्र
शनिवार और रविवार अवकाश होने के कारण अब सदन की कार्यवाही सोमवार, 8 दिसंबर से फिर शुरू होगी। सत्र कुल 5 कार्यदिवसीय होगा और 11 दिसंबर को समाप्त होना है।
सत्र का प्रमुख एजेंडा
8 दिसंबर: प्रश्नकाल और द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी सदन में पेश
9 दिसंबर: अनुपूरक पर विस्तृत चर्चा और विनियोग विधेयक
10 दिसंबर: प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयक और उन पर सदन की चर्चा
सत्र की अवधि बढ़ाने की संभावना नहीं कहा संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ।