बिहार में सवर्ण आयोग का गठन: महाचंद्र सिंह अध्यक्ष, राजीव रंजन उपाध्यक्ष नियुक्त; विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश

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पटना, बिहार: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार ने एक सवर्ण आयोग के गठन की घोषणा कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इस आयोग का उद्देश्य सवर्ण समाज के सामाजिक-आर्थिक हालात और जरूरतों का गहराई से अध्ययन कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना बताया गया है।

आयोग के प्रमुख पदाधिकारी:

  • महाचंद्र सिंह – अध्यक्ष (वरिष्ठ बीजेपी नेता)

  • राजीव रंजन प्रसाद – उपाध्यक्ष (जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता)

  • दयानंद राय, जय कृष्ण झा, और राजकुमार सिंह – सदस्य

प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार की सोच को बताया प्रेरणा

आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष महाचंद्र सिंह ने कहा कि यह आयोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा,

“प्रधानमंत्री मोदी ने सभी जातियों और धर्मों के लिए समान सोच रखी है। 10% सवर्ण आरक्षण की व्यवस्था ऐतिहासिक कदम था, जिसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।”

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस भरोसे के साथ आयोग गठन किया है, उसका उद्देश्य यह जानना है कि सवर्ण समाज में कहाँ-कहाँ समस्याएँ हैं और उनके समाधान के लिए क्या किया जा सकता है।

राजनीतिक संदेश और सामाजिक समावेश की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि सवर्ण आयोग का गठन ना सिर्फ सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह विधानसभा चुनाव से पहले सवर्ण मतदाताओं को साधने की रणनीति भी हो सकती है। बिहार की राजनीति में यह पहल सामाजिक संतुलन और समावेशिता की दिशा में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।