“कोरोना काल के ऑक्सीजन मैन” सीमांत कुमार सिंह बने बेंगलुरु के नए पुलिस कमिश्नर

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  • 1970 में रांची में हुआ था जन्म, नाना रांची विश्वविद्यालय में थे प्रोफेसर

  • कोरोना के दौरान आक्सीजन मैन के नाम से हुए मशहूर सीमांत कुमार सिंह 

  • कोरोना काल मेंलाखों लोगों को घर भिजवाने में की थी मदद

अशोक अकेला, बेंगलुरु

बिहार के भागलपुर के रहनेवाले और रांची में जन्मे 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी सीमांत कुमार सिंह बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बनाये गये हैं, जिन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया। सीमांत कुमार सिंह का घर भले ही बिहार हैं, लेकिन ससुराल झारखंड के पलामू जिला में हैं। सीमांत कुमार सिंह कोरोना वायरस के दौरान काफी लोकप्रिय हुए थे, क्योंकि बेंगलुरु में रहनेवाले बिहारी, बंगाली, उड़ीया, राजस्थानी या पूर्वांचली सभी अपने घर लौटना चाह रहे थे, जिनके लिए सीमांत कुमार ने सरकार से कहकर स्पेशल ट्रेनें चलवाई और उन्हें उनके घर तक पहुंचाने में मदद की।

बेंगलुरु में रहनेवाले परप्रांतीय लोगों को कोरोना के दौरान राशन, दवाई, कपड़े, भोजन तक उपलब्ध कराने में इनकी शानदार भूमिका रही। कोरोना के दौरान आक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ रहे थे, लेकिन वर्तमान पुलिस कमिश्नर ने उस वक्त जनता की सेवा करने में जो पहल की वह एक कीर्तिमान बन गया। सीमांत कुमार सिंह पुलिस कमिश्नर बनने के पूर्व बेंगलुरु मेट्रोपोलिटन टास्क फोर्स के एडीजीपी के रूप में पदस्थापित थे, लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई दुर्घटना के दौरान जिस तरह से 11 लोगों की मृत्यु और पचासों लोगों के घायल होने की सूचना मिली, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तथा उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार अपनी सरकार की बेइज्जती को बचाने के लिए तत्काल निर्णय लेते हुए सीमांत कुमार सिंह को जहां बेंगलुरु का पुलिस कमिश्नर बनाया, वहीं पूर्व पुलिस कमिश्नर दयानंद को निलंबित करने का कार्य किया।

1996 बैच के आईपीएस अधिकारी व बेंगलुरु के वर्तमान पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह भारतीय सुरक्षा बल में उप पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। कोरोना काल में लोगों को बचाने के लिए कर्नाटक सरकार की ओर से छह जिलों की जिम्मेदारी इनको मिली थी, जहां सफलतापूर्वक काम कर इन्होंने सरकार और प्रशासन का नाम रोशन किया था। बेंगलुरु वेस्ट के ट्राफिक डीसीपी से मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर के रूप में सीमांत कुमार सिंह ने बेहतर कार्य किये हैं, जिसका परिणाम है कि आज राज्य सरकार उन्हें बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में पदस्थापित किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो, एसीबी के अधिकारी के रूप में इनके कार्यकलापों की भूरी-भूरी प्रशंसा हुई थी। उस समय इनके द्वारा उठाए गये सख्त कदमों के कारण एक मामला हाईकोर्ट में भी गया था, जिसके कारण ये काफी लोकप्रिय रहे। सीमांत कुमार सिंह के दामाद भी आईपीएस हैं, जिनकी पदस्थापना बिहार में है।

बेंगलुरु वासियों में नयी उम्मीद जगी

बेंगलुरु के नये पुलिस कमिश्नर के रूप में सीमांत कुमार सिंह की पदस्थापना से बेंगलुरुवासियों में नयी उम्मीद जगी है। बेंगलुरु जिसे ग्रेटर बेंगलुरु कहा जाने लगा है, यहां अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, रूस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि कई देशों की बड़ी-बड़ी कंपनियां काम करती हैं, जहां लाखों-लाख लोग नौकरियां करते हैं और बड़ा शहर होने के कारण समस्याएं भी आती रहती हैं, इसलिए जिम्मेदारी भी बड़ी है।

ट्राफिक समस्या से निजात दिलाना बड़ी जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने सीमांत कुमार सिंह को बेंगलुरु का पुलिस कमिश्नर बनाकर उनके पर जिम्मेदारियों का बोझ भी दिया है। नये पुलिस कमिश्नर के समक्ष बेंगलुरु की ट्राफिक व्यवस्था सुदृढ़ करना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विश्वास है कि सीमांत इसमें कारगर होंगे और अपनी एक और नई पहचान बनायेंगे।

108 थाने और 42 ट्राफिक पुलिस स्टेशन की जिम्मेदारी

बेंगलुरु के नये पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह के अधीन 108 पुलिस थाने और 42 ट्राफिक पुलिस स्टेशन की देखभाल, निरीक्षण और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। एक पुलिस कमिश्नर के रूप में सीमांत कुमार सिंह के ऊपर जहां काम का बोझ होगा, वहां कर्तव्यनिष्ठा और बहुत बड़ी पुलिस टीम के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी भी होगी।

सख्त और ईमानदार छवि सबसे बड़ी पहचान

सीमांत कुमार सिंह की पहचान जहां एक कारगर और सफल पुलिस अधिकारी के रूप में शुरू से बनी हुई है, वहीं एक सख्त और ईमानदार पुलिस पदाधिकारी के रूप में भी बेंगलुरुवासी जानते हैं। समय से दफ्तर पहुंचना और समय पर काम का होना इनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।