रामगढ़, झारखंड: सिरका कोलियरी में शनिवार को विस्थापित बेरोजगार संघर्ष समिति के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। चानक बस्ती के ग्रामीण मुआवजा, पुनर्वास और नौकरी समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खदान परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
उत्पादन और आउटसोर्सिंग कार्य रहा ठप
सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ आंदोलन, जिससे सिरका खदान का उत्पादन और आउटसोर्सिंग गतिविधियाँ पूरी तरह ठप हो गईं। प्रदर्शन के चलते सीसीएल को लाखों का नुकसान हुआ। करीब 11 बजे, प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद कामकाज बहाल हो सका।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीसीएल प्रबंधन द्वारा वर्षों पहले उनकी भूमि अधिग्रहित कर ली गई थी, लेकिन अब तक रैयतों को उचित मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास नहीं मिला है। रशीद नहीं कटने के कारण उन्हें जाति, आवासीय जैसे प्रमाण पत्र हासिल करने में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि प्रदूषण और जल संकट की वजह से चानक बस्ती का जीवन दूभर हो गया है।
प्रबंधन ने दिए आश्वासन
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सिरका के पीओ दिलीप कुमार, एसएन तिवारी और दीपक कच्छप मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। पीओ ने चानक बस्ती में टैंकर से प्रतिदिन पानी की आपूर्ति, सड़क पर नियमित छिड़काव और 14 जून को समिति के साथ बैठक का आश्वासन दिया। प्रबंधन के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया और खदान का कार्य फिर से शुरू हुआ।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग
गीता देवी, नरेश बेदिया, जगनारायण बेदिया, काशीनाथ बेदिया, छोटू बेदिया, अर्जुन बेदिया, रमेश बेदिया, कुलदीप बेदिया, राजेश बेदिया, सूरज बेदिया, दीपक, राजू, ललिता देवी, पूजा देवी, दशमी देवी, मुनिया देवी, पिंकी देवी, सरिता देवी समेत कई ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल रहे।