कैथा, रामगढ़ (झारखंड): रामगढ़ जिले के कैथा में आयोजित श्री जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथ यात्रा इस वर्ष ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुई। यह आयोजन जिले के सबसे वृहद धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सवों में से एक रहा, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और एकता का माहौल बना रहा।
भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र का विग्रह
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री श्री योगेन्द्र प्रसाद ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के पश्चात स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंत्री श्री प्रसाद ने इस अवसर पर कहा, “यह रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रेम, भाईचारा और समरसता का संदेश देता है।” उन्होंने 35 वर्षों के बाद बने नए पवित्र रथ का उद्घाटन कर इसे “आस्था की नई परंपरा” की शुरुआत बताया।
जेएलकेएम सुप्रीमो व डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो ने भी रथ यात्रा में भाग लिया और आयोजन को “सांस्कृतिक पहचान का पर्व” बताते हुए मंदिर सेवा समिति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह आयोजन हमारी जड़ों से जोड़ने वाला प्रयास है, जो नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध परंपराओं से अवगत कराता है।”
हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने कहा, “कैथा में रथ यात्रा की भव्यता पूरे देश में आस्था का संदेश देती है। यह आयोजन धार्मिक विश्वास के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है।”
रामगढ़ विधायक ममता देवी ने भी रथ यात्रा को लेकर अपनी प्रसन्नता जताते हुए कहा कि “हर वर्ष यह आयोजन और अधिक भव्य हो रहा है, जिससे हमारी सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक भावना जीवित रहती है।”
पूर्व गोमिया विधायक बबीता देवी, जो स्वयं कैथा की बेटी हैं, ने इस आयोजन को “आध्यात्मिक जागरूकता और सेवा भावना का प्रतीक” बताते हुए कहा, “ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द का भी सशक्त माध्यम हैं।”
भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र का विग्रह को दिन भर चले पूजन के बाद संध्या में जयकारे के साथ भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र को सुसज्जित रथ पर आसीन किया गया। इसके बाद भारी जनसमूह ने जयकारे के साथ रथ को खींच कर मासीबाड़ी तक पहुंचाया। जहां धार्मिक अनुष्ठानों के बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र को मासीबाड़ी में आसीन किया गया तथा पट बंद कर दिया गया। यहां ये स्वास्थ्य लाभ करेंगे तथा नौवें दिन घुरती रथ यात्रा के माध्यम से वापस मुख्य मंदिर में लौटेंगें।इस वर्ष के रथ उत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ को खींचकर अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। पूरे क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के जयकारे गूंजते रहे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। मंदिर के बाहर मेला भी लगा था। जिसमें कई तरह की दुकानें लगायी गयी थी।
उपस्थित गणमान्य अतिथियों में रामगढ़ थाना प्रभारी पी.के. सिंह, सिटी मैनेजर राजीव रंजन, करमा परियोजना अधिकारी रामेश्वर मुंडा, कुंटु बाबू, पवन कुमार महतो सहित कई प्रशासनिक, सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल थे।
रथ यात्रा के सफल संचालन के लिए मंदिर सेवा समिति ने उत्कृष्ट प्रबंधन का परिचय दिया। चिकित्सा वाहन, सार्वजनिक शौचालयों और स्वच्छता व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को सहज अनुभव प्रदान किया। समिति के वोलंटियर्स सुबह से लेकर रथ विसर्जन तक सेवा में जुटे रहे।
समिति के पदाधिकारियों में अध्यक्ष हंसपाल महतो, सचिव संतोष महतो, कोषाध्यक्ष कुलदीप महतो, साथ ही ध्यानचंद महतो, शिव कुमार, देवधारी महतो, देवलाल महतो, संजय करमाली, सुरेश करमाली, माधव करमाली, मुनिनाथ महतो, प्रदीप महतो, संदीप कुमार, राजेश कुमार, राजकुमार, बालीश राम महतो और अनेक कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अंत में सेवा समिति ने घोषणा की कि अगले वर्ष का आयोजन और भी अधिक भव्य रूप में किया जाएगा, जिससे यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक और मजबूती से पहुंचे।