ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में एक क्रांतिकारी कदम
पतरातू, रामगढ़ (झारखंड): झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए, जिंदल फाउंडेशन ने 1 जुलाई 2025 को पतरातू में अपनी प्रमुख योजना “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” का शुभारंभ किया। यह मोबाइल चिकित्सा इकाई विशेष रूप से दूरस्थ और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित है, जिसमें स्त्री रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के साथ-साथ सामान्य बीमारियों की भी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
इस पहल का उद्घाटन जिंदल फाउंडेशन की अध्यक्ष शालू जिंदल ने किया। इस अवसर पर रामगढ़ के उपविकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद, जेएसपीएल के मुख्य सीएसआर अधिकारी प्रशांत होता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण जनता उपस्थित रहे।
यह अत्याधुनिक मोबाइल अस्पताल परामर्श कक्ष, मूलभूत जांच उपकरण, और त्वरित पैथोलॉजी सुविधाओं से सुसज्जित है, जिससे ग्रामीण इलाकों में उचित और समय पर चिकित्सा उपचार संभव हो सकेगा। इसके अंतर्गत गर्भावस्था से पूर्व एवं पश्चात देखभाल, टीकाकरण, सामान्य चिकित्सा परामर्श, स्त्री रोग संबंधी उपचार, तथा स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच जैसी सेवाएं शामिल हैं।
हालांकि इस पहल का प्राथमिक फोकस महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर है, लेकिन यह मोबाइल अस्पताल मधुमेह, उच्च रक्तचाप, त्वचा रोग, सांस संबंधी समस्याएं और अन्य गैर-संक्रामक रोगों के उपचार में भी सहायक होगा। त्वरित जांच की सुविधा उन ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष लाभदायक सिद्ध होगी, जहां लैब की सुविधाएं आमतौर पर उपलब्ध नहीं होतीं।
शालू जिंदल ने कहा :
“हॉस्पिटल ऑन व्हील्स सिर्फ एक मेडिकल वाहन नहीं, बल्कि उन हज़ारों परिवारों के लिए जीवनरेखा है जिन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पातीं। यह पहल हमारे ‘स्वस्थ भारत’ और ‘सशक्त नारी’ के संकल्प की दिशा में एक ठोस कदम है।”
उपविकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने कहा :
“यह पहल समयानुकूल और अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी आएगी। जिंदल फाउंडेशन इस प्रयास के लिए बधाई का पात्र है।”
सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद ने कहा :
“हॉस्पिटल ऑन व्हील्स ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक गेम चेंजर साबित होगा। यह सेवा उन लोगों तक पहुंचेगी जो अब तक सुविधाओं से वंचित रहे हैं। यह झारखंड राज्य में स्वास्थ्य सेवा की समावेशिता और नवाचार की मिसाल बनेगा।”