रामगढ़ कैंट, झारखंड : गुरू पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर पदम चंद जैन के द्वारा झंडा चौक स्थित शांतिधारा बुक ट्रस्ट को जैन आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज द्वारा लिखित दो पुस्तकों की पाँच पाँच प्रतियाँ उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इन पुस्तकों के नाम हैं मूक माटी तथा विचारों की परछाइयाँ । उन्होंने बताया कि मूक माटी ग्रन्थ कई विश्व विद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में शामिल है तथा पचास से भी अधिक लोग इस पर पीएचडी कर चुके हैं । दूसरी पुस्तक में आचार्य श्री द्वारा लिखित 671 हाइकू कविताएँ संग्रहित है तथा आर्यिका अकम्पमति ने इनका भावार्थ प्रस्तुत किया है ।
शांतिधारा बुक ट्रस्ट के चेयरमैन सुरेश पी अग्रवाल ने इस पुनीत कार्य के लिए पदम चंद जैन का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ये पुस्तकें अब सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी जिससे आचार्य विद्या सागर जी के विचारों का प्रचार प्रसार हो सकेगा ।