गिद्दी, हज़ारीबाग (झारखंड): झारखंड के वामपंथी आंदोलन की एक प्रमुख आवाज़, वरिष्ठ मजदूर नेता कॉमरेड मिथिलेश सिंह का शनिवार को गिद्दी दामोदर नद तट पर जनक्रांति की भावना के साथ अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्र “कॉमरेड मिथिलेश अमर रहें” और “लाल सलाम” के नारों से गूंज उठा।
कॉमरेड मिथिलेश सिंह बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्होंने 11 जुलाई 2025 को रामगढ़ के कैथा स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। निधन की खबर सुनते ही मजदूर संगठन और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार को उनकी अंतिम यात्रा गिद्दी स्थित उनके आवास से एक सुसज्जित वाहन में निकली। यात्रा सबसे पहले पार्टी कार्यालय पहुंची, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनों ने उनके अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां से अंतिम यात्रा गिद्दी क्षेत्र के प्रमुख स्थानों से होते हुए दामोदर नदी घाट पहुंची।
उनके पार्थिव शरीर को लाल झंडे में लपेटा गया था, जो उनके विचारों और संघर्षों का प्रतीक था। पूरे दामोदर तट को लाल झंडों से पट गया था। अंतिम संस्कार में शामिल जनसैलाब ने मिथिलेश सिंह की लोकप्रियता और जनसंघर्ष में उनकी भूमिका को बखूबी दर्शाया। मुखाग्नि उनके पुत्र रंजीत सिंह ने दी।
इस मौके पर बेरमो विधायक अनूप सिंह, मांडू विधायक तिवारी महतो, पूर्व सांसद रमेंद्र कुमार, भुवनेश्वर मेहता, महेंद्र पाठक, संजीव बेंदिया, बिंध्याचल बेदिया, हलधर महतो, परमेश्वर महतो सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कॉमरेड मिथिलेश सिंह का जीवन मजदूरों के हक, सामाजिक न्याय और जन आंदोलनों को समर्पित रहा। उनकी यादें, उनका संघर्ष और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।