गोला (रामगढ़), झारखंड :संघर्ष, समर्पण और कठिन परिश्रम की मिसाल बने गोला प्रखंड अंतर्गत हेंसापोडा पंचायत के कोरांबे गांव निवासी कपिल रजवार, जिन्होंने पहले ही प्रयास में जेपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी रैंक 212वीं रही है। इस उपलब्धि पर पूरे गांव और पंचायत में उत्सव जैसा माहौल है।
सरकारी स्कूल से लेकर बीडीओ बनने तक का सफर
कपिल रजवार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोरांबे गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से पूरी की। वर्ष 2015 में उत्क्रमित उच्च विद्यालय मुरपा से मैट्रिक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इंटरमीडिएट की पढ़ाई रामगढ़ कॉलेज, रामगढ़ से की, वहीं स्नातक की डिग्री हजारीबाग के संत कोलंबस कॉलेज से राजनीतिक शास्त्र विषय में प्राप्त की।
इसके बाद हजारीबाग के मटवारी स्थित मेघा सिविल सर्विसेज कोचिंग संस्थान में रहकर उन्होंने तैयारी की। करीब नौ वर्षों की मेहनत और लगन के बाद उन्हें यह सफलता मिली। कपिल ने पहले दो वर्ष SSC की भी तैयारी की, लेकिन बाद में जेपीएससी की ओर रुख किया।
संघर्ष भरा पारिवारिक जीवन
कपिल के पिता जगदीश रजवार बीते 29 वर्षों से एक ठेकेदार कंपनी में मुंशी के रूप में कार्यरत हैं। मां लीला देवी मजदूरी और गृह कार्य करके घर चलाती रही हैं। मां ने भावुक होकर बताया, “पेट काटकर बेटे को पढ़ाया, भूखे पेट सोए लेकिन हार नहीं मानी। आज उसका मीठा फल मिला है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक बार बचपन में जब कपिल स्कूल नहीं गया था, तो उन्हें डांटकर स्कूल भेजा था। उसके बाद से वह कभी भी स्कूल से अनुपस्थित नहीं हुआ।
कपिल ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई, कोचिंग संस्थान के शिक्षक अनिमेष पांडेय और आशीष कुमार पांडेय को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों गुरुओं का मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणादायी रहा।
परिवार और प्रेरणा
कपिल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई दिलीप रजवार बीकॉम करने के बाद खेती और प्लंबिंग के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वे संयुक्त परिवार में अपने माता-पिता, भाभी अंजली कुमारी और भतीजे श्रृंयाण कुमार के साथ रहते हैं।
गांव में जश्न का माहौल
कपिल की सफलता पर गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने उनके घर जाकर बधाई दी। पूर्व मुखिया विशाल कुमार, समाजसेवी हालदार चंद्र कपरदार, निशांत कुमार राज, उत्तम कुमार कुशवाहा, भूषण महतो, रोहित महतो सहित कई लोगों ने इस उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया।
कपिल की युवाओं को सलाह :
“अगर किसी चीज को पूरी शिद्दत से चाहो तो कायनात उसे मिलाने में लग जाती है। धैर्य रखें, और निरंतर प्रयास करते रहें। सफलता जरूर मिलेगी।”