हिरासत के 3 दिन बाद नदी किनारे मिली लाश, रामगढ़ में उबाल, टाइगर फोर्स और पुलिस पर हत्या का आरोप

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रामगढ़ में भारी तनाव, लोगों ने किया सड़क जाम, टाइगर फोर्स और पुलिस पर हत्या का आरोप, कई पुलिसकर्मी निलंबित

रामगढ़, झारखंड : रामगढ़ जिले में उस समय स्थिति अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई जब 23 जुलाई को हिरासत में लिए गए लारीकला निवासी आफताब अंसारी का शव शनिवार को रजरप्पा में दामोदर नदी के किनारे मिला। आक्रोशित लोगों ने गांधी चौक पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। मामला पुलिस और तथाकथित टाइगर फोर्स की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

हिरासत के बाद लापता, फिर मिला शव

परिजनों के अनुसार आफताब अंसारी को टाइगर फोर्स के सदस्यों द्वारा 23 जुलाई को अर्शी गारमेंटस दुकान से मारपीट कर उठाया गया और बाद में रामगढ़ पुलिस उसे थाने ले गई। 24 जुलाई को आफताब की अंतिम बार भुरकुंडा निवासी अब रामगढ़ में रहने वाले अरुण गोयल से बातचीत हुई और उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। शनिवार को उसका शव मिलने की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।

भीड़ का उग्र प्रदर्शन, थाना में हंगामा

शनिवार को आफताब के परिजन, ग्रामीण और स्थानीय लोग रामगढ़ थाना पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मौके पर कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर समेत कई नेताओं ने भी पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

पुलिस द्वारा जारी वीडियो, फिर भी जनता असंतुष्ट

रामगढ़ पुलिस ने एक वीडियो क्लिप जारी किया जिसमें आफताब को कथित रूप से भागते हुए दिखाया गया, लेकिन लोगों ने इसे खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि आफताब की पुलिस और टाइगर फोर्स की संयुक्त पिटाई से मौत हुई है और शव को दामोदर नदी में फेंक दिया गया।

जांच के बाद कार्रवाई, कई पुलिसकर्मी निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ एसपी ने जांच का जिम्मा पतरातू के एसडीपीओ को सौंपा। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी रामगढ़ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:

  • पुलिस सहायक अवर निरीक्षक सलीमुद्दीन खान को निलंबित किया

  • गृह रक्षक अजय करमाली और नीमा चंद्र महतो को ड्यूटी से हटाया

  • थाना प्रभारी पीके सिंह को पहले लाइन हाजिर किया गया

  • बाद में एसपी रामगढ़ की अनुशंसा पुलिस महानिरीक्षक, बोकारो की स्वीकृति पर पीके सिंह को निलंबित किया गया

एसपी की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई, जो प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

दुकान के मालिक ने भी रामगढ़ थाने में दिया आवेदन

इस मामले में आर्सी गारमेंट दुकान के मालिक शमीम अंसारी ने भी रामगढ़ थाने में आवेदन दिया है। उन्होंने पुलिस को कहा है कि उसे लगातार धमकी दी जा रही है। शमीम अंसारी ने पुलिस को बताया कि 23 जुलाई को उसके दुकान में हिंदू टाइगर फोर्स के लोग घुसे और आफताब अंसारी को मारने पीटने लगे। इस दौरान पुलिस वहां पहुंची और आफताब अंसारी को थाने ले गई। दुकान में हुई मारपीट की घटना के बारे में लिखित शिकायत करने जब वह थाने पहुंचे, तो वहां भुरकुंडा निवासी राजेश सिन्हा ने उन्हें धमकी दी और कहा कि आवेदन नहीं दो वरना गंभीर परिणाम के लिए तैयार रहो। शमीम ने पुलिस को बताया कि वह भुरकुंडा से रामगढ़ रोज आना-जाना करता है। उसे डर है कि राजेश सिन्हा और उनके सहयोगी उनके विरुद्ध कोई अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं।

स्थिति फिलहाल नियंत्रण में, रविवार को होगा पोस्टमार्टम

हल्का बल प्रयोग कर तथा समझा बुझा कर लोगों को शांत किया गया और सड़क जाम समाप्त हुआ। शनिवार देर रात तक थाना में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। रविवार 27 जुलाई को आफताब अंसारी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के कारणों की पुष्टि की जा सके।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रविवार को जिला प्रशासन की आगे की कार्रवाई क्या रहती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए शासन क्या रुख अपनाता है।