धनबाद, झारखंड : पूर्व डिप्टी मेयर धनबाद नीरज सिंह और तीन अन्य की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो गई। विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी ने फैसले की तारीख 27 अगस्त तय की है। अदालत ने जमानत पर बाहर सभी आरोपियों को उस दिन मौजूद रहने का निर्देश दिया है। मुख्य आरोपी और झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह, जिन्हें हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, भी अदालत में उपस्थित रहेंगे।
मामले की पृष्ठभूमि
11 मार्च 2017 को धनबाद में नीरज सिंह, उनके दो अंगरक्षकों और चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभियोजन का आरोप है कि इस हत्या की साजिश बिहार के कैमूर में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान रची गई थी, जिसमें संजीव सिंह समेत कई लोग शामिल थे।
अभियोजन पक्ष के तर्क
मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से आरोपी पक्ष की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
शूटरों को फर्जी दस्तावेज पर धनबाद में ठहराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साबित होता है कि गोली तीन फीट से ज्यादा दूरी से चलाई गई थी।
अखबार में प्रकाशित तस्वीरों में गवाह की मौजूदगी स्पष्ट।
बचाव पक्ष के तर्क
अभियोजन के सभी सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) अधूरे और भ्रामक हैं।
घटना के दिन संजीव सिंह बिहार में थे, यह उनके टावर लोकेशन से साबित होता है।
गवाह आदित्य राज का लोकेशन गिरिडीह में दर्ज है, न कि घटनास्थल पर।
अदालत में तीखी नोकझोंक
वादी पक्ष के वकील को बहस करने से बचाव पक्ष ने रोका, यह कहते हुए कि हाईकोर्ट पहले ही निजी अधिवक्ता को बहस से रोक चुका है, वे सिर्फ अभियोजन का सहयोग कर सकते हैं।
निर्णायक तारीख
अब 27 अगस्त को अदालत यह तय करेगी कि आठ साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ क्या फैसला सुनाया जाएगा।