रजरप्पा, रामगढ (झारखण्ड) : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को अपने परिवार के साथ रामगढ़ जिला स्थित रजरप्पा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने अपने दिवंगत पिता व झारखंड आंदोलन के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थियों का दामोदर नद में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया।
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे अनुष्ठान को सम्पन्न किया। इस दौरान उनके छोटे भाई बसंत सोरेन, मुख्यमंत्री के पुत्रों सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार, श्राद्ध कर्म के 12 दिन पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़,झारखण्ड) से रजरप्पा पहुंचे। इससे एक दिन पूर्व नेमरा में संस्कार भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें राज्यभर से हजारों लोग पहुंचे और दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रजरप्पा में दामोदर नद के तट पर शांत वातावरण में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ विसर्जन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात परिवार के सदस्यों द्वारा अन्य धार्मिक परंपराएं भी निभाई गईं।
इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति भी देखी गई। राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने दिशोम गुरु को याद किया और झारखंड के विकास में उनके योगदान को नमन किया।