रामगढ़, झारखंड : कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के क्रम में जिलाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया रामगढ़ जिला में प्रारंभ हो गयी है। इसे लेकर जिला के नियुक्त एआइसीसी पर्यवेक्षक ने शनिवार को रामगढ़ का दौरा किया था। उनके साथ राज्य स्तर के नियुक्त तीन पर्यवेक्षक भी थे। पर्यवेक्षकों ने शनिवार को चेंबर भवन के सभागार में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित किया तथा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो कांग्रेसी नेता आपस में भिड़ गये।
लेकिन दोनो नेताओं ने पर्यवेक्षकों की उपस्थिति का ख्याल रखा तथा तथा आवाज भी धीमी रख कर आपसी झंझट किया। अधिकांश कार्यकर्ताओं को इस झंझट का पता भी नहीं चल पाया। अब यह बात सामने आ रही है तथा कुछ लोग इस मामले को पर्यवेक्षक व वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखने की बात कह रहे हैं। दोनो नेताओं में एक प्रदेश स्तरीय नेता के तथा दूसरे निर्वाचित जनप्रतिनिधि के करीबी हैं।
दोनो नेताओं के बीच हुआ विवाद कुछ पत्रकारों के नजर में आ गया था तथा वे पत्रकार दोनो नेताओं के क्रियाकलापों को देख रहे थे। सभागार के अंदर विवाद के बाद दोनो नेता सभागार से बाहर निकले । इस पर एक पत्रकार भी उनके पीछे बाहर निकला। बाहर निकल कर आपसी बहस के बाद एक नेता दूसरे नेता को ठेलते हुये एक कमरे में ले गये। इसके बाद एक नेता ने फोन कर अपने कुछ समर्थकों को भी झझट का हवाला देकर बुला लिया।
काफी देर बाद दोनो नेता शांत हुये। अगर शनिवार को पर्यवेक्षक नहीं मौजूद रहते तो निश्चित तौर पर विवाद बढ़ता। फिलहाल इस मामले पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है तथा दोनो नेता भी इस मामले में चुप हैं। वैसे कुछ लोग मामले को पर्यवेक्षक व वरीय नेताओं तक पहुंचाने में जुट गये हैं।