उरीमारी ओपेन कास्ट में ब्लास्टिंग के लिए बने होल में चार्जिंग के दौरान विस्फोट एक मज़दूर की मौत, एक महिला गंभीर रूप से घायल

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मृत मजदूर महेश साव का फाइल फोटो

भुरकुंडा (रामगढ), झारखंड :   सीसीएल बरका सयाल प्रक्षेत्र के उरीमारी कोलियरी ओपेन कास्ट प्रोजेक्ट में बुधवार को दोपहर करीब 02:30 बजे ब्लास्टिंग के लिए बने होल में बारूद डालने के बाद चार्जिंग के दौरान अचानक बिस्फोट हो गया। जिससे एक मज़दूर की मौत हो गयी। वही एक महिला कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद स्थानीय मज़दूरों ने दोनों मज़दूरों को तत्काल एकेसी अस्पताल भुरकुंडा लाया। जहां जांच के बाद चिकित्सक ने महेश साव को मृत घोषित कर दिया। वही घायल महिला को बेहतर ईलाज के लिए मेदांता अस्पताल रांची रेफर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 02:30 बजे कटेगरी वन मज़दूर महेश साव और राधा देवी ब्लास्टिंग के लिए बने होल में बारूद डालने के बाद चार्जिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिस्फोट हो गया। बिस्फोट होने के कारण दोनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए। जिससे घटना स्थल पर ही महेश साव की मौत हो गयी। वही राधा देवी के ठुड्डी, पेट और छाती में गंभीर चोट आई है। बताया जाता है कि मृतक महेश साव भुरकुंडा रिभर साइड शिव मंदिर बीटीटीआई निवासी है। मृतक अपने पीछे पत्नी सुनीता देवी, पुत्र दीपक साव और आयुष साव को छोड़ गया है। समाचार लिखे जाने तक मृतक का शव अस्पताल में ही पड़ा हुआ है।

अस्पताल में बिलखती पत्नी व पुत्र

शव से लिपट कर बिलखती पत्नी

रो रो कर बेसुध हो रही पत्नी व पुत्र

उरीमारी प्रोजेक्ट में कार्यरत सीसीएल कर्मी सह शिवनगर बीटीटीआई रीवर साईड निवासी महेश साव की मौत के खबर के बाद एकेसी अस्पताल भुरकुंडा पहुंची पत्नी सुनीता देवी और पुत्र दीपक साव का रो रो कर बुरा हाल था। पत्नी बार बार दहाड़ मारकर अपने पति के शव से लिपट कर रो रही थी।

प्रबंधन की लापरवाही से हुई घटना

उरीमारी प्रोजेक्ट में प्रबंधन की लापरवाही के कारण बिस्फोट की घटना हुई है। मज़दूरों ने बताया कि जिस स्थान पर ब्लास्टिंग के लिए होल किया गया था वह गर्म फेस था। गर्म फेस में ब्लास्टिंग के बाद बारूद डाल दिया गया और चार्जिंग के दौरान घटना घट गई। प्रबंधन मज़दूरों को हमेशा काल के गाल में डालती है।

घटना के चार घंटे बाद भी नही पहुंचे कोई अधिकारी

चार्जिंग के दौरान हुई घटना के चार घंटे बाद तक उरीमारी प्रोजेक्ट और बरका सयाल प्रक्षेत्र के कोई भी अधिकारी अस्पताल परिजनों का सुध लेने नही पहुंचे। जिससे मज़दूरों में काफी आक्रोश है। वही विभिन्न श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि अस्पताल में कैम्प किये हुए है।