रामगढ़ (झारखंड) : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर शुक्रवार को करवा चौथ व्रत के अवसर पर शहर का वातावरण भक्ति और आस्था से परिपूर्ण रहा। झंडा चौक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा भव्य करवा चौथ व्रत कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रामगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों की 301 सुहागिन महिलाओं ने माता करवा की पूजा-अर्चना की और अखंड सौभाग्य की कामना की।
भक्ति और श्रृंगार से सजा मंदिर परिसर
संध्या समय जब व्रती महिलाएं सोलह श्रृंगार कर मंदिर पहुंचीं, तो पूरा परिसर लाल परिधानों और पूजा की थालियों से सजा नजर आया। महिलाओं ने माता करवा और माता वैष्णो देवी की आराधना की तथा पारंपरिक विधि-विधान से कथा सुनी। कथा का वाचन मंदिर के पुजारी पंडित लीलाधर शर्मा ने किया।
पंजाबी हिंदू बिरादरी ने किया आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा किया गया था। बिरादरी ने व्रती महिलाओं के लिए कथा सुनने और पूजा-अर्चना की विशेष व्यवस्था की थी। पूजा के बाद महिलाओं ने बिरादरी के वरिष्ठ सदस्यों से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी व्रती महिलाओं को माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद स्वरूप चुनरी भेंट की गई।
महेश मारवाह ने बताया व्रत का महत्व
पंजाबी हिंदू बिरादरी के महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार महेश मारवाह ने बताया कि करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाएं इस दिन सूर्योदय से पूर्व संकल्प लेकर दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं और चंद्रोदय के बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। उन्होंने कहा कि कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत मनचाहे वर की प्राप्ति और सुखी गृहस्थ जीवन की कामना के लिए रखती हैं।
तैयारी और सहयोग
महिलाएं इस व्रत की तैयारी कई दिनों पहले से ही शुरू कर देती हैं। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं दुल्हन की तरह सजती-संवरती हैं और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। कार्यक्रम की सफलता में पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष सुरत चंद्र वासुदेव, महासचिव महेश मारवाह, अश्विनी शर्मा सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।