रामगढ़ (झारखंड) :रामगढ़ जिले के गांधी चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। प्रतिमा के दोनों हाथ बुरी तरह से तोड़े गए हैं, जिससे क्षेत्र में रोष व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार 12 अक्टूबर 2025 को गांधी चौक पर सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश के विरोध में एक प्रदर्शन का कार्यक्रम तय था। जब प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि महात्मा गांधी की प्रतिमा पहले से ही खंडित अवस्था में है।
इसकी सूचना तुरंत रामगढ़ थाना को दी गई। प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया। लोगों ने इस कृत्य को राष्ट्रपिता और स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक के प्रति असम्मान बताया और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही कहा गया कि महात्मा गांधी से रामगढ़ वासियों को विशेष लगाव है। 1940 के कांग्रेस अधिवेशन के दौरान गांधी जी गांधी जी रामगढ़ में सात दिन रुके थे। वे 14 मार्च 1940 की सुबह रामगढ़ कैंट स्टेशन पर उतरे थे और उन्होंने 20 मार्च 1940 को रात में अधिवेशन समाप्ति के बाद ट्रेन से प्रस्थान किया था । साथ ही उनके निधन के बाद उनकी अस्थियों को रामगढ़ के दामोदर नद में प्रवाहित किया गया था तथा रामगढ़ के दामोदर नद के किनारे महात्मा गांधी की समाधी स्थापित है।
गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित किये जाने को कांग्रेस ने बताया विचारों पर हमला
रामगढ़ के गांधी चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने की घटना पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता शांतनु मिश्रा ने कहा कि यह सिर्फ गांधीजी की प्रतिमा को खंडित करने का मामला नहीं है, बल्कि उस महान विचारधारा को चोट पहुँचाने का प्रयास है, जिसने इस देश और समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचारों ने वंचित और शोषित वर्गों को समाज की मुख्यधारा में आने का अवसर दिया और स्वतंत्र भारत में सर उठाकर जीने की राह दिखाई। इस तरह की हरकतें देश की अखंडता और एकता पर सीधा प्रहार हैं।
शांतनु मिश्रा ने जिला प्रशासन और झारखंड सरकार से मांग की है कि ऐसे देशद्रोही तत्वों, जो स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करते हैं और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं, उन्हें जल्द से जल्द चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की दुस्साहसिक हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
गांधी प्रतिमा खंडित किये जाने पर झारखंड सर्वोदय मंडल के बसंत हेतमसरिया ने जताया आक्रोश
रामगढ़ के गांधी चौक पर स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने की घटना पर झारखंड सर्वोदय मंडल के सदस्य बसंत हेतमसरिया ने गहरा दुख व्यक्त किया है और इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने प्रेस को दिए एक बयान में कहा कि इस तरह का कार्य करने वाले लोग देशद्रोही हैं, जो स्वतंत्रता सेनानियों का लगातार अपमान करते रहते हैं और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश में लगे रहते हैं। हेतमसरिया ने झारखंड सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द चिन्हित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।